नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला देवता माना जाता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त से प्रारंभ होकर 10 दिनों तक, यानी अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर) तक मनाया जाएगा। उत्सव को लेकर बाजारों में गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी शुरू हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार गणपति की मूर्ति चुनते समय रंग, आकार और बनावट का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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बायीं सूंड़ वाले गणपति शुभ
घर में विराजमान करने के लिए हमेशा बायीं सूंड़ वाली गणपति प्रतिमा को शुभ माना गया है। ऐसी मूर्ति बैठी हुई अवस्था में होनी चाहिए और उसमें उनकी सवारी मूषक का होना भी आवश्यक है। शास्त्रों के अनुसार, घर के लिए छोटी मूर्ति लेना श्रेष्ठ होता है।
मिट्टी की मूर्ति बेहतर
विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्लास्टर ऑफ पेरिस की बजाय मिट्टी की बनी प्रतिमा खरीदी जाए। इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता और विसर्जन के बाद उसकी मिट्टी को गमले में भी रखा जा सकता है।
कौन सा रंग चुनें
लाल, पीला और सिंदूरी रंग के मिश्रण वाली प्रतिमा को अत्यंत शुभ माना गया है। इसके अलावा सफेद, हरा और सुनहरा रंग भी अनुकूल है। ध्यान रहे कि काले या नीले रंग की प्रतिमा खरीदने से बचना चाहिए।
एक ही प्रतिमा रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में विषम संख्या में गणेश प्रतिमाएं रखना अशुभ माना जाता है। विशेषकर तीन गणपति की मूर्ति घर में नहीं होनी चाहिए। इसलिए घर में हमेशा एक ही प्रतिमा को विधि-विधान से स्थापित करना चाहिए।











