Elevated Urban Expressway : दिल्ली। दिल्ली में नए रिंग रोड के तहत विकसित अर्बन एक्सटेंशन रोड-दो (यूईआर-दो) और द्वारका एक्सप्रेसवे अब तैयार हैं। इनका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 अगस्त को रोहिणी से करेंगे। इन दोनों परियोजनाओं का सबसे बड़ा लाभ गुरुग्राम को होगा, जहां द्वारका एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट टर्मिनल-3 तक पहुंचने में 10 मिनट से भी कम समय लगेगा। वहीं, यूईआर-2 के जरिए सोनीपत और एनएच-44 दिल्ली-पानीपत हाईवे तक एक घंटे से भी कम समय में पहुंचा जा सकेगा।
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द्वारका एक्सप्रेसवे भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित देश का पहला 8-लेन एलिवेटेड अर्बन एक्सप्रेसवे है। इसकी कुल लंबाई 29 किलोमीटर है, जिसमें 18.9 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और 10.1 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में है। इसकी कुल लागत लगभग 9,000 करोड़ रुपये है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के महिपालपुर में शिव मूर्ति से शुरू होकर गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा तक जाता है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (एनएच-48) पर यातायात का दबाव कम होगा।
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इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा का समय 20-25 मिनट रह जाएगा। यह गुरुग्राम के 35 से अधिक सेक्टरों और 50 से ज्यादा गांवों को सीधे लाभ पहुंचाएगा।
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यूईआर-2 को दिल्ली का तीसरा रिंग रोड माना जा रहा है। इसकी लंबाई 75.71 किलोमीटर है और लागत 7,716 करोड़ रुपये है। यह दिल्ली-पानीपत हाईवे नंबर 44 से अलीपुर के पास शुरू होकर नांगलोई-नजफगढ़ रोड के जरिए द्वारका सेक्टर-24 तक फैला है। यह दिल्ली-रोहतक हाईवे, सोनीपत-गोहाना हाईवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे को जोड़ते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क स्थापित करता है। यह 6-लेन का मार्ग है, जिसमें कई स्थानों पर एलिवेटेड सेक्शन और अंडरपास हैं, जो दिल्ली के भीतरी इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद करेंगे।
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इस परियोजना से गुरुग्राम के साथ-साथ सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, रोहतक और जींद जैसे शहरों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे ईंधन की खपत घटेगी और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।











