CSEB Action Required: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले विकासखंड घरघोड़ा और इसके आसपास के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों बिजली चोरी का ग्राफ तेजी से ऊपर भाग रहा है। क्षेत्र में सक्रिय अवैध कनेक्शन धारियों के खिलाफ विद्युत मंडल (विद्युत विभाग) द्वारा कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण बिजली चोरों के हौसले पूरी तरह बुलंद हो चुके हैं। स्थिति यह हो गई है कि विभाग की इस घोर उदासीनता और लापरवाही का खामियाजा उन ईमानदार उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है, जो हर महीने समय पर अपना बिजली बिल जमा करते हैं। वैध मीटर धारक भीषण गर्मी के इस मौसम में लो-वोल्टेज और अघोषित ब्लैकआउट के कारण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
दिनदहाड़े खंभों से सीधे डाला जा रहा हुक; फेज बदलने का निकाला नया ‘जुगाड़’
क्षेत्रवासियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली चोरों का हौसला इतना बढ़ चुका है कि वे अब रात के अंधेरे का भी इंतजार नहीं करते। ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में दिनदहाड़े मुख्य विद्युत लाइनों और खंभों (पोल्स) से सीधे एल्युमिनियम के नंगे तारों के जरिए अवैध कनेक्शन खींचे जा रहे हैं। बिजली चोरों ने चोरी का एक नया तकनीकी तरीका भी ढूंढ निकाला है; जब भी लाइन का कोई एक फेज उड़ जाता है या उसमें लाइट बंद हो जाती है, तो वे तुरंत बांस या डंडे के सहारे अपने अवैध तार को दूसरे चालू फेज में फंसा देते हैं। इस कृत्य के कारण पूरी लाइन का लोड असंतुलित हो जाता है और वैध उपभोक्ताओं के घरों के उपकरण फुंकने की कगार पर पहुंच जाते हैं।
एकल बत्ती के नाम पर चल रहे सैकड़ों हीटर और भारी सिंचाई पंप; अवैध वसूली का धंधा भी शुरू
घरघोड़ा क्षेत्र में इस समय चोरी की बिजली से सैकड़ों की तादाद में भारी लोड वाले बिजली हीटरों का उपयोग खुलकर किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि कई वैध मीटर धारी भी मीटर को बाईपास करके सीधे मेन लाइन से हीटर चला रहे हैं। इसके अतिरिक्त, शासन की ‘एकल बत्ती कनेक्शन’ (गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों के लिए योजना) का बेजा इस्तेमाल हो रहा है। एकल बत्ती धारक तय सीमा से कई गुना अधिक भारी मात्रा में बिजली की खपत कर रहे हैं।
क्षेत्र में खेतों और घरों में पानी खींचने वाले टूल्लू पंप, भारी क्षमता के सिंचाई पंप जैसे बड़े-बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खुलेआम बिना किसी खौफ के चलाया जा रहा है। हद तो तब हो गई है जब कुछ रसूखदार लोग खुद तो खंभे से डायरेक्ट अवैध कनेक्शन ले ही रहे हैं, साथ ही आसपास के दूर-दराज के घरों को रोशन करने के एवज में उनसे अवैध रूप से नगद वसूली का बकायदा समानांतर धंधा संचालित कर रहे हैं।
मौखिक शिकायतों के बाद भी मौन बैठा अमला; क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि विद्युत चोरी और लाइन लॉस को रोकने के लिए विभाग के सब-इंजीनियर और स्थानीय लाइनमैनों को कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। बावजूद इसके, अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। विद्युत विभाग द्वारा भले ही कागजों पर कोई आधिकारिक कटौती नहीं की जा रही है, लेकिन इस बड़े पैमाने पर हो रही चोरी के कारण ग्रिड बार-बार ट्रिप हो जाता है और लोगों को बिना कटौती के भी घंटों अंधेरे में तड़पना पड़ता है।
इस अव्यवस्था को लेकर क्षेत्र के ईमानदार करदाताओं और मीटर धारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और विद्युत मंडल के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि घरघोड़ा क्षेत्र में तत्काल एक विशेष उड़नदस्ते (विजिलेंस टीम) का गठन कर छापेमारी की जाए, अवैध कनेक्शनों को काटा जाए और बिजली चोरों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि ईमानदार उपभोक्ताओं को उनका हक मिल सके।









