Saturday, August 22, 2026
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CG Employees Protest: घरघोड़ा में गूंजी कर्मचारियों की आवाज: सांसद राधेश्याम राठिया के गृह ग्राम छर्राटागढ़ पहुंचे सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

CG Employees Protest: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़): छत्तीसगढ़ के प्रांतीय कार्यकारिणी के पूर्व विधिक निर्णय के अनुसार, प्रदेश भर के जन-प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से ‘प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ’ एवं ‘पेंशनर एसोसिएशन’ ने एक व्यापक आंदोलन की शुरुआत की है। इस देशव्यापी और प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत 7 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में जन-प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम तय किया गया है। इसी कड़ी में, मंगलवार प्रातः लगभग 8 बजे रायगढ़ जिला अध्यक्ष एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में 10 गाड़ियों के विशाल काफिले के साथ सैकड़ों कर्मचारी और पेंशनर पदाधिकारी रायगढ़ लोकसभा के सांसद श्री राधेश्याम राठिया के गृह ग्राम छर्राटागढ़ पहुंचे। यहाँ कर्मचारियों ने अपनी 6 सूत्रीय न्यायसंगत विधिक मांगों को लेकर सांसद महोदय को मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

पूर्व में ध्यानाकर्षण के बाद भी शासन की चुप्पी से नाराजगी

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इससे पूर्व 10 जून 2026 को पूरे प्रदेश के जिला और विकासखंड मुख्यालयों में माननीय मुख्यमंत्री के नाम ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बावजूद शासन स्तर से कर्मचारियों की जायज मांगों पर अब तक कोई ठोस विधिक घोषणा नहीं की गई है, जिसके चलते शासकीय सेवकों में भारी असंतोष व्याप्त है। इस आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कृषि विभाग शासकीय कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य संयोजक संघ, आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ और निःशक्त कर्मचारी अधिकारी संघ जैसे कई अग्रणी संगठनों ने अपना खुला समर्थन दिया है।

ये हैं प्रमुख 6 सूत्रीय विधिक मांगें:

कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया है:

  1. महंगाई भत्ता (DA): राज्य के विद्युत मंडल, न्यायिक सेवा और अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जा चुका है, परंतु प्रदेश के साढ़े चार लाख तृतीय वर्ग कर्मचारी इस विधिक लाभ से वंचित हैं, उन्हें तत्काल इसका भुगतान हो।

  2. कैशलेस चिकित्सा: सरकार द्वारा घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा के क्रियान्वयन के लिए अभी तक नीतिगत निर्देश जारी नहीं हुए हैं, उन्हें अविलंब जारी किया जाए।

  3. अवकाश नगदीकरण: केंद्रीय कर्मचारियों और अविभाजित मध्य प्रदेश की तर्ज पर सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले अवकाश नगदीकरण की सीमा को 240 दिनों से बढ़ाकर 300 दिन किया जाए।

  4. नियमितीकरण व सेवा सुरक्षा: संविदा, दैनिक वेतन भोगी और अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जाए तथा मध्य प्रदेश सरकार की भांति उन्हें पूर्ण सेवा सुरक्षा दी जाए।

  5. शिक्षक एलबी संवर्ग: प्रथम नियुक्ति तिथि से पूरी सेवा की गणना करते हुए शिक्षक एलबी संवर्ग को उनके समस्त विधिक लाभ प्रदान किए जाएं।

  6. अनुकंपा नियुक्ति: प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति पर लगी 10 प्रतिशत की सीलिंग (सीमा) को पूर्णतः समाप्त कर सभी आश्रितों को नियुक्तियां दी जाएं।

डिजिटल हाजिरी और नेटवर्क की समस्या पर भी ध्यान देने की मांग

6 सूत्रीय मांगों के अतिरिक्त, कर्मचारी संघ ने स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के लिए अनिवार्य किए गए बायोमेट्रिक डिवाइस और मोबाइल डेटा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संघ का कहना है कि रायगढ़ और घरघोड़ा के कई सुदूर व वनांचल क्षेत्रों में मोबाइल टावर न होने या सिग्नल की भारी किल्लत के कारण समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है, जिससे शिक्षकों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस तकनीकी विषय पर भी गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया गया है।

सांसद राधेश्याम राठिया ने इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे कर्मचारियों की एकजुटता की सराहना करते हुए उनकी मांगों को पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रदेश सरकार के समक्ष उच्च स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया है।

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