Attempted Suicide at Ujjain Garh Kalika Temple: उज्जैन (मध्य प्रदेश): बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन के प्रसिद्ध गढ़कालिका मंदिर परिसर में उस समय हड़कंप और सनसनी मच गई, जब एक नागा स्वामी ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या की कोशिश (Temple SelfImmolation Attempt) की। स्वामी का आरोप है कि मंदिर में दर्शन और साधना के दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुजारियों ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। इस घटना के बाद शक्तिपीठ परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
साधना से रोकने और अपमान करने का आरोप (Security Personnel Altercation)
पीड़ित नागा स्वामी के अनुसार, वे नियमित रूप से मां गढ़कालिका के दर्शन के लिए मंदिर आते हैं और प्रतिदिन तय नियमानुसार मंदिर परिसर में बैठकर अपनी आध्यात्मिक साधना करते हैं। लेकिन रविवार को जब वे हमेशा की तरह दर्शन और साधना के लिए पहुंचे, तो वहां मौजूद मंदिर प्रबंधन के कर्मचारियों और एक पुजारी ने उन्हें अंदर जाने से जबरन रोक दिया। नागा स्वामी का गंभीर आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो एक पुजारी ने उनके साथ मर्यादाहीन व्यवहार करते हुए Scuffle At Holy Shrine (पवित्र स्थल पर धक्का-मुक्की) की घटना को अंजाम दिया और उन्हें अपमानित कर परिसर से बाहर करने की कोशिश की।
मच गई चीख-पुकार, लोगों ने तत्परता से टाला हादसा
इस घोर अपमान और दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर आक्रोशित नागा स्वामी तुरंत पेट्रोल लेकर मंदिर परिसर में लौट आए और सबके सामने खुद के ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया। नागा स्वामी को आत्मघाती कदम उठाते देख वहां मौजूद श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। इससे पहले कि कोई बड़ी अनहोनी होती, सजग नागरिकों और सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए नागा स्वामी को काबू में किया और उनके हाथ से पेट्रोल व माचिस छीन ली, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
किन्नर अखाड़े ने दी आंदोलन की चेतावनी (Maha Kali Kinnar Akhada Protest)
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ‘मां काली राष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा’ भी नागा स्वामी के समर्थन में उतर आया है। अखाड़े के पदाधिकारियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मंदिर प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। नागा स्वामी और अखाड़े का साफ तौर पर कहना है कि जब तक अभद्रता करने वाले दोषी पुजारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका यह Maha Kali Kinnar Akhada Protest और विरोध प्रदर्शन उग्र रूप में जारी रहेगा।
पुलिस जांच में जुटी (Law Enforcement Intervention)
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस थाना और Law Enforcement Intervention (कानून प्रवर्तन) की टीम मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है। पुलिस मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि धक्का-मुक्की और विवाद की वास्तविक सच्चाई सामने आ सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।








