कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति की तस्वीर बदल दी है। भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। वहीं 15 साल से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सीट भी नहीं बचा सकीं। उनके साथ राज्य सरकार के 12 मंत्री भी चुनाव हार गए, जिससे टीएमसी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।
मुस्लिम विधायकों की संख्या में आई गिरावट
नई विधानसभा में मुस्लिम विधायकों की संख्या पहले के मुकाबले कम हो गई है। साल 2021 में जहां 42 मुस्लिम विधायक विधानसभा पहुंचे थे, वहीं इस बार यह संख्या घटकर 36 रह गई है।
इनमें:
- कांग्रेस के 2 विधायक
- सेक्युलर फ्रंट का 1 विधायक
- माकपा का 1 विधायक
- उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर 2 सीटों से विजयी
वहीं टीएमसी के 32 मुस्लिम विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
महिला प्रतिनिधित्व भी हुआ कम
इस बार बंगाल विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है। चुनावी नतीजों के बाद राज्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
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बीजेपी के दिलीप साहा बने सबसे अमीर विधायक
नबाग्राम (SC) सीट से बीजेपी उम्मीदवार दिलीप साहा ने जीत दर्ज की है और वे अब बंगाल के सबसे अमीर विधायक बन गए हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 42 करोड़ रुपये बताई जा रही है।मुर्शिदाबाद जिले की इस सीट पर दिलीप साहा ने कई उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की।
विधानसभा की नई तस्वीर
बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के साथ बंगाल विधानसभा का राजनीतिक और सामाजिक समीकरण बदलता दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में इसका असर राज्य की राजनीति और नीतियों पर भी देखने को मिल सकता है।









