Jharkhand liquor scam : बिलासपुर : बिलासपुर में झारखंड शराब घोटाले से जुड़े आरोपों के बीच निलंबित आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा ने गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद जस्टिस पी.पी. साहू की एकल पीठ ने उन्हें सशर्त अग्रिम जमानत दे दी।
Jharkhand liquor scam : अदालत ने आदेश दिया कि टुटेजा को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि की दो जमानतों पर राहत मिल सकती है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि उन्हें जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करना होगा। यदि उन्होंने जांच में बाधा डाली या सहयोग नहीं किया, तो एजेंसी जमानत रद्द कराने के लिए अदालत में आवेदन कर सकती है।
Jharkhand liquor scam : हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि टुटेजा किसी भी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे। आदेश में साफ कहा गया कि शर्तों का पालन न करने पर जमानत समाप्त की जा सकती है।
Jharkhand liquor scam : हालांकि, इस मामले में राहत मिलने के बावजूद उनका जेल से तुरंत बाहर आना मुश्किल माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में छत्तीसगढ़ के डीएमएफ घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक अन्य मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।
Jharkhand liquor scam : आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता की धारा 420 तथा 120B के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर झारखंड में अवैध शराब कारोबार के लिए एक सिंडिकेट बनाया, आबकारी नीति में बदलाव करवाया और इससे बड़े पैमाने पर अवैध कमीशन कमाया।
Jharkhand liquor scam : टुटेजा ने अपनी याचिका में यह भी तर्क दिया था कि उन्हें लगातार जेल में रखने की साजिश के तहत नए-नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि झारखंड में दर्ज एक मामले में उन्हें आरोपी तक नहीं बनाया गया है।









