Urla 3D Factory Blast: रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित थ्री डी (3D) फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
Urla 3D Factory Blast: प्रारंभिक जांच के अनुसार फैक्ट्री में फेरो अलॉय का उत्पादन किया जाता था। मंगलवार शाम करीब 6 बजे फेरो एलॉयज डिवीजन में संचालित फर्नेस में लान्सिंग के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तीन मजदूरों की जान चली गई।
Urla 3D Factory Blast: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि घटना के बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी उद्योगों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Urla 3D Factory Blast: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी घटनास्थल का जायजा लेने के बाद बताया कि फैक्ट्री का संचालन रोक दिया गया है और विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मजदूरों के परिजनों को फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से 30-30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Urla 3D Factory Blast: इधर, इस हादसे को लेकर कांग्रेस ने भी आठ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। पूर्व मंत्री शिव डहरिया को समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेगी, घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को सौंपेगी।
Urla 3D Factory Blast: कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार पर उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में औद्योगिक हादसों में 150 से अधिक मजदूरों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार प्रभावी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही है। उनका कहना है कि हर हादसे के बाद कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन उद्योगों का नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कराया जाता।
Urla 3D Factory Blast: कांग्रेस ने मांग की है कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही संबंधित फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं प्रशासन और जांच एजेंसियां हादसे के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हैं।







