Monday, August 24, 2026
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UGC के किन नए नियमों पर देशभर में मचा बवाल! सुप्रीम कोर्ट से सड़क तक विरोध, छात्र-शिक्षक नाराज़, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली : देशभर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर #UGCRollback ट्रेंड कर रहा है, वहीं मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। विरोध का स्वर तब और तेज हो गया जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इन नियमों के खिलाफ इस्तीफा दे दिया।

UGC Rules 2026 क्या हैं

UGC ने 13 जनवरी 2026 को “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026” लागू किए। आयोग का कहना है कि इसका मकसद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकना और सुरक्षित माहौल बनाना है।

नए नियमों के तहत हर संस्थान में Equity Centre, Equity Committee और Equity Squad बनाने होंगे। साथ ही 24×7 शिकायत हेल्पलाइन भी अनिवार्य की गई है। नियमों के उल्लंघन पर संस्थानों की मान्यता रद्द करने या फंड रोकने तक का प्रावधान है।

क्यों उठ रहे हैं विरोध के सुर

नियमों का Section 3(C) सबसे ज्यादा विवाद में है। इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समानता के अधिकार के खिलाफ बताया जा रहा है। सामान्य वर्ग के छात्र और शिक्षक मानते हैं कि नियम उन्हें “संभावित अपराधी” की तरह पेश करता है।आलोचकों का कहना है कि झूठी शिकायतों पर कार्रवाई का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिससे निर्दोष लोगों का करियर प्रभावित हो सकता है।

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चार सबसे विवादित प्रावधान

1. Equity Squad को व्यापक अधिकार
भेदभाव की परिभाषा स्पष्ट नहीं होने से मनमानी की आशंका जताई जा रही है।

2. 24×7 शिकायत प्रणाली
बिना ठोस जांच के आरोप लगने का डर छात्रों और शिक्षकों को सता रहा है।

3. प्रतिनिधित्व पर सवाल
सामान्य वर्ग और OBC प्रतिनिधित्व को लेकर असंतोष सामने आया है।

4. सख्त दंड का प्रावधान
मान्यता रद्द या फंड रोकने का अधिकार संस्थानों पर दबाव बढ़ा सकता है।

UGC का पक्ष

UGC का कहना है कि 2020–2025 के बीच जातिगत भेदभाव की शिकायतों में भारी वृद्धि हुई है। रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। आयोग का दावा है कि नियम चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे और उद्देश्य सिर्फ समानता सुनिश्चित करना है।

अब आगे क्या

फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका और देशभर में जारी विरोध के बीच यह देखना अहम होगा कि क्या UGC नियमों में संशोधन करता है या सरकार कोई बीच का रास्ता निकालती है। इतना तय है कि UGC Rules 2026 फिलहाल शिक्षा जगत का सबसे गर्म मुद्दा बन चुके हैं।

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