singrauli-trauma-center-row: सिंगरौली जिला अस्पताल स्थित शाह ट्रॉमा सेंटर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में ट्रॉमा सेंटर के भीतर करोड़ों रुपये कीमत के वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल उपकरण धूल खाते नजर आए।

वीडियो में करीब 15 वेंटिलेटर और कई जरूरी मशीनें अव्यवस्थित हालत में पड़ी दिखाई दीं, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर मरीजों को अक्सर वाराणसी और अन्य बड़े शहरों के लिए रेफर कर दिया जाता है, जबकि अस्पताल में मौजूद आधुनिक उपकरण उपयोग के बजाय बंद पड़े हैं।
singrauli-trauma-center-row: जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि ने बताया कि ये वेंटिलेटर और बेड कोविड महामारी के दौरान मिले थे। फिलहाल इनका उपयोग नहीं हो रहा है, इसलिए इन्हें एक जगह रखा गया था। उन्होंने माना कि उपकरणों को व्यवस्थित तरीके से न रखना लापरवाही है।
सूत्रों के मुताबिक एक वेंटिलेटर की कीमत 8 से 15 लाख रुपये तक होती है। इस हिसाब से ट्रॉमा सेंटर में पड़े उपकरणों की कुल कीमत करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
singrauli-trauma-center-row: स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए और उपलब्ध उपकरणों का उपयोग मरीजों के इलाज में किया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को बाहर रेफर करने की जरूरत कम पड़े।









