Thursday, May 21, 2026
31.1 C
Raipur

Shibu Soren Passed Away : नहीं रहे शिबू सोरेन, 81 वर्ष की उम्र में दिल्ली में ली अंतिम सांस, झारखंड में सात दिन का राजकीय शोक…..

Shibu Soren Passed Away : रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन का आज सुबह दिल्ली के श्री गंगा राम अस्पताल में 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे बीते एक महीने से किडनी संक्रमण और ब्रोंकाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा था, लेकिन आज सुबह 8:56 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद पिता के निधन की पुष्टि करते हुए कहा— “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं, आज मैं शून्य हो गया हूं।”

Shibu Soren Passed Away : शिबू सोरेन के निधन की खबर से पूरे झारखंड में शोक की लहर है। राज्य सरकार ने सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं में शोक और स्तब्धता है, क्योंकि उन्होंने पार्टी के संस्थापक संरक्षक और आदिवासी समाज के सबसे मजबूत आवाज को खो दिया है। उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और स्थान की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।

शिबू सोरेन: संघर्षों से गढ़ा गया ‘दिशोम गुरु’ का युग

शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को हजारीबाग के नेमरा गांव में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 70 के दशक में ‘धनकटनी आंदोलन’ से की, जहां उन्होंने आदिवासियों के शोषण और भूमि लूट के खिलाफ आवाज उठाई। उनके नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आदिवासी अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत मंच दिया। उन्हें जनता के बीच ‘दिशोम गुरु’ और ‘गुरुजी’ के नाम से जाना जाता रहा है।

Shibu Soren Passed Away

उन्होंने बिहार से अलग झारखंड राज्य के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई। लंबे संघर्षों और आंदोलनों के बाद 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ, जिसमें शिबू सोरेन की नेतृत्व क्षमता और जनांदोलन की बड़ी भूमिका रही। वे 2005, 2008 और 2009 में तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने, हालांकि राजनीतिक अस्थिरता के चलते वे एक बार भी कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।

केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे तक का सफर

शिबू सोरेन यूपीए-1 सरकार में कोयला मंत्री भी बने, लेकिन विवादों के चलते उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने अपने सामाजिक संघर्षों और आदिवासी हितों के लिए जीवनभर लड़ाई जारी रखी।

उनके निधन को झारखंड की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। झारखंड की पहचान और अस्मिता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में शिबू सोरेन का योगदान अमिट रहेगा।

Share The News

Unable to load videos.

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

CG Weather Update: नौतपा के पहले ही बुरे हाल! रायपुर से बिलासपुर तक कई जिलों में लू का हमला

छत्तीसगढ़ गर्मी अलर्ट के बीच प्रदेश में भीषण गर्मी...

महाकाल की भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब, ब्रह्म मुहूर्त में गूंजा “हर-हर महादेव”

मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल भस्म आरती...

Related Articles

Popular Categories