Saturday, August 15, 2026
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CG Vyapam की नई गाइडलाइन : अब परीक्षा में फुसफुसाना, इशारा करना भी पड़ सकता हैं भारी, पढ़े पूरा नियम-कानून

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CG Vyapam की नई गाइडलाइन
CG Vyapam की नई गाइडलाइन

रायपुर। CG Vyapam की नई गाइडलाइन : छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) ने अपनी आगामी परीक्षाओं को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। अब परीक्षा केंद्रों में सिर्फ मोबाइल या नकल सामग्री लाना ही नहीं, बल्कि हल्के व्यवहारगत उल्लंघन—जैसे फुसफुसाना, आंखों या इशारों से बात करना, वीक्षक से बहस या दस्तावेजों पर हस्ताक्षर से इनकार करना भी गंभीर अपराध माना जाएगा। व्यापमं ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई भी आचरण परीक्षा निरस्त कराने के साथ ही उम्मीदवार को भविष्य की परीक्षाओं से दो साल तक डिबार भी कर सकता है।

CG Vyapam की नई गाइडलाइन : परीक्षा में अब सिर्फ कॉपी करना ही नहीं, ‘व्यवहार’ भी जांचेगा व्यापमं

व्यापमं की ओर से जारी नई एडवाइजरी के मुताबिक—

  • किसी भी प्रकार की फिजिकल या नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन (इशारे, आंखों से संपर्क, फुसफुसाना) को नकल की श्रेणी में माना जाएगा।

  • उत्तरपुस्तिका की अदला-बदली या दिखाना, भले ही जबरदस्ती न हो, नकल मानी जाएगी।

  • नकल सामग्री को परीक्षा हॉल में नष्ट करने की कोशिश भी अब नकल के बराबर अपराध माना जाएगा।

  • यदि वीक्षक या केंद्राध्यक्ष किसी उम्मीदवार से नकल संबंधित दस्तावेज पर हस्ताक्षर मांगते हैं और वह मना करता है, तो भी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा के लिए NEET जैसी व्यवस्था

CG Vyapam अब अपनी सभी परीक्षाओं में NEET जैसी सख्त जांच प्रक्रिया लागू करेगा:

  • परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस बल की होगी।

  • महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा अलग से की जाएगी।

  • प्रत्येक केंद्र पर मोबाइल जैमर लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक संचार को रोका जा सके।

बदसलूकी और धमकी पर भी होगी कार्रवाई

व्यापमं ने बताया है कि कई बार कुछ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों में तैनात अधिकारियों से बदतमीजी करते हैं या “देख लेने” जैसी धमकियां देते हैं। अब ऐसे मामलों में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी और परीक्षा से वंचित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अनुचित साधन समिति लेगी अंतिम निर्णय

व्यापमं के अनुसार, सभी गंभीर नकल या अनुशासनहीनता के मामलों की जांच एक विशेष समिति करेगी, जिसमें परीक्षा नियंत्रक समेत चार वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति जांच कर तय करेगी कि आरोपी को डिबार किया जाए या उसके खिलाफ एफआईआर हो।

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