बालोद [Nishanebaaz News]Balod Atmanand School Teacher Shortage Fees Controversy। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के ढुलमुल रवैये की पोल खोलता हुआ एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। डौंडीलोहारा विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय अछोली में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए 2 महीने बीत जाने के बाद भी शिक्षकों की पदस्थापना नहीं हो सकी।
शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई ठप होती देख प्राचार्य, शाला विकास समिति के अध्यक्ष और कुछ पालकों की सहमति से निजी तौर पर दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई और इसके खर्च के लिए छात्रों से 400-400 रुपये अंशदान मांगने का फैसला लिया गया।
548 छात्रों से 2.19 लाख रुपये इकट्ठा करने का गणित
विद्यालय की कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 548 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जब प्रति छात्र 400 रुपये तय किए गए, तो यह गणित पालकों के गले नहीं उतरा:
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कुल संभावित संग्रह: 548 छात्र × ₹400 = ₹2,19,200 (दो लाख उन्नीस हजार दो सौ रुपये)
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शिक्षकों का मानदेय: 2 शिक्षकों को ₹6,000 प्रति माह मानदेय (10 माह के लिए) = ₹1,20,000 (एक लाख बीस हजार रुपये)

शिक्षकों के मानदेय की तुलना में लगभग दोगुना पैसा मांगने के कारण गरीब पालकों और छात्र-छात्राओं में भारी असंतोष फैल गया और उन्होंने दबी जुबान से इसका विरोध शुरू कर दिया।
“विरोध है तो पैसे वापस कर देंगे”: शाला विकास समिति अध्यक्ष
विवाद बढ़ने के बाद शाला विकास समिति के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ब्लॉन्द्रे ने सफाई देते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसीलिए मजबूरी में यह रास्ता चुना गया था।
रामेश्वर सिंह ब्लॉन्द्रे (अध्यक्ष) का बयान:
“यदि कोई गरीब बच्चा है या कोई पालक पैसे देने में असमर्थ है, तो उससे जबरन राशि नहीं ली जाएगी। जो पालक विरोध कर रहे हैं या जिन्होंने पैसे दे दिए हैं और वापस चाहते हैं, उनके पैसे लौटा दिए जाएंगे। एकत्रित राशि में से खर्च के बाद बचा हुआ पैसा भी छात्रों को वापस कर दिया जाएगा।”
डीईओ ने कहा- गलत वसूली पाई गई तो होगी सख्त कार्रवाई
मामला मीडिया में आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दीपक दुबे ने सख्त रुख अपनाया है।
डीईओ दीपक दुबे ने कहा:
“शासकीय स्कूल में किसी भी स्तर पर छात्रों या पालकों से इस तरह अनधिकृत वसूली नहीं की जा सकती। यदि गलत तरीके से पैसे लिए जा रहे होंगे तो मामले की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी। साथ ही स्कूल में जल्द से जल्द विभागीय शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।”





