Aadhaar Center Rocket: मुरैना/सबलगढ़। जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में संचालित विभिन्न आधार केंद्रों पर आम नागरिकों से अवैध वसूली और व्यापक अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह हरकत में आ गया है। जिला मुख्यालय मुरैना से विशेष रूप से पहुँची एक उच्च स्तरीय जाँच टीम ने नगर के कई केंद्रों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने नियमों का खुला उल्लंघन पाए जाने पर एक लोक सेवा केंद्र की आधार मशीन को मौके पर ही ज़ब्त कर लिया। इसके विपरीत, पुराने अस्पताल परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) के नाम पर चल रही एक अन्य मशीन को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया, जिससे पूरी जाँच प्रक्रिया पर ही गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की मिली थीं शिकायतें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर और ग्रामीण अंचलों से लगातार यह शिकायतें सामने आ रही थीं कि विभिन्न केंद्रों के संचालक सरकारी नियमों को ताक पर रखकर कार्ड से जुड़ी सेवाओं के नाम पर आम जनता से निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक राशि वसूल रहे हैं। इन गंभीर जन-शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जाँच टीम ने विभिन्न व्यावसायिक और विभागीय केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। टीम में मुख्य रूप से शामिल जिला प्रबंधक (डीजीएम) मनीष शर्मा ने मीडिया को बताया कि सभी शिकायतों की बहुत ही बारीकी से जाँच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
लोकेशन बदलकर संचालित हो रही डब्लूसीडी की मशीन
इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विवाद का सबसे बड़ा केंद्र पुराने अस्पताल परिसर के भीतर संचालित हो रही महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) की आधार मशीन बन गई है। शिकायतकर्ताओं और स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि यह मशीन तकनीकी और प्रशासनिक रूप से जिस सरकारी कार्यालय या स्थान के लिए स्वीकृत की गई थी, उसे वहां न चलाकर पूरी तरह से एक अलग और अनाधिकृत लोकेशन पर धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। इसी बात को लेकर अब स्थानीय नागरिकों के बीच जाँच टीम की निष्पक्षता को लेकर असंतोष पनप रहा है।
अधिकारियों के संरक्षण और दोहरे मापदंड के लगे आरोप
नगरवासियों ने जाँच टीम की कार्यप्रणाली पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि निजी और लोक सेवा केंद्रों की मशीनों पर नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त कार्रवाई की गई है, तो सरकारी विभाग की इस मशीन के संचालन की वैधता, दस्तावेज़ों और उसकी वर्तमान लोकेशन की भी समान रूप से निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह उठ रहा है कि पूरे जिले में इन मशीनों की कड़ी निगरानी करने वाले मुख्य अधिकारियों के ठीक नाक के नीचे संचालित हो रही इस मशीन को जाँच के दौरान ज़ब्त क्यों नहीं किया गया? लोगों की मांग है कि यदि मशीन गलत स्थान पर पाई गई है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार तत्काल कार्रवाई हो।
अनियमितता मिलने पर होगी सख्त दंडात्मक कार्रवाई
दूसरी ओर, इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय राजस्व प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। सबलगढ़ तहसीलदार सीताराम वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि क्षेत्र के सभी आधार केंद्रों का समय-समय पर औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए साफ़ किया कि किसी भी निरीक्षण में यदि अवैध वसूली, सर्वर संबंधी धांधली या नियमों का रत्ती भर भी उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) सहित सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, पूरे नगरवासियों की निगाहें अब जाँच टीम की अंतिम रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कड़े कदम पर टिकी हुई हैं।









