NH 146 Road Collapse:राजू बैरागी \रायसेन। मध्य प्रदेश में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भोपाल-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-146) पर आलमपुर के पास निर्माणाधीन सड़क पहली ही तेज बारिश में धंस गई, जबकि एक पुलिया भी पानी के तेज बहाव में बह गई। इसके चलते मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहली बारिश ने खोल दी निर्माण कार्य की पोल
जानकारी के अनुसार, एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से भोपाल-सागर मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन बारिश के पहले ही बड़े दौर में सड़क का एक हिस्सा धंस गया और पुलिया क्षतिग्रस्त होकर बह गई। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
दोनों ओर लगा लंबा जाम, घंटों फंसे यात्री
NH 146 Road Collapse: सड़क धंसने के कारण भोपाल और सागर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यातायात नहीं रोका जाता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
ग्रामीणों ने लगाए गुणवत्ता में लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था (ड्रेनेज सिस्टम) का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि पुलिया की क्षमता कम होने और निर्माण में लापरवाही के कारण बारिश का दबाव बढ़ा, जिससे सड़क धंस गई और पुलिया बह गई।ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि सड़क पहली ही बारिश में जवाब दे जाए, तो यह निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
NH 146 Road Collapse: घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एमपीआरडीसी के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई और सड़क की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्से की निगरानी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
NH 146 Road Collapse: क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और एमपीआरडीसी से सड़क और पुलिया की तत्काल मरम्मत कराने के साथ-साथ पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बड़ा सवाल
जब करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई जा रही सड़कें पहली ही बारिश में धंसने लगें, तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली सड़कें पहली बारिश तक भी क्यों नहीं टिक पा रहीं?







