रायपुर। Nishaanebaz.com-Raipur Land Dispute Murder Case: राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र अंतर्गत जमीन बिक्री से मिले लगभग एक करोड़ रुपये के बंटवारे को लेकर ससुर और बड़े दामाद के बीच चल रहा खूनी विवाद आखिरकार एक सनसनीखेज हत्या में बदल गया। बड़े दामाद ने शराब पार्टी के दौरान हुए झगड़े में जीआई (GI) तार से गला घोंटकर अपने ससुर की बेरहमी से हत्या कर दी। धरसीवां थाना पुलिस की सतर्कता और गश्त के कारण हत्या के इस सनसनीखेज मामले का त्वरित पर्दाफाश हुआ और शव को ठिकाने लगाने की साजिश नाकाम हो गई।
रात 1:15 बजे पुलिस गश्त के दौरान टाटा मैजिक में मिली चादर में लिपटी लाश
4 सितंबर की देर रात करीब 1:15 बजे धरसीवां पुलिस की टीम परसतराई इलाके में नहर पुलिया के पास रूटीन चेकिंग पर थी। इसी दौरान एक संदिग्ध टाटा मैजिक वाहन को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी पीछे कर भागने की कोशिश की। पीछा करने पर शीतला मंदिर के पास वाहन छोड़कर चालक और उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भाग निकले। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो अंदर चादर में लिपटा एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद के रूप में हुई।
1 करोड़ की जमीन के पैसों को लेकर हुआ विवाद, शराब पार्टी में घोंटा गला
मामले की जांच में सामने आया कि मृतक मोहन निषाद ने हाल ही में लगभग एक करोड़ रुपये की पैतृक जमीन बेची थी। इस रकम में से हिस्सेदारी को लेकर उसका अपने बड़े दामाद हेमराज निषाद से लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना की रात मोहन ने हेमराज को पार्टी के लिए बुलाया था, जहाँ दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। शराब के नशे में जमीन के पैसों को लेकर दोबारा तीखी बहस शुरू हो गई, जिससे आक्रोशित होकर हेमराज ने जीआई तार से अपने ससुर का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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खारुन नदी में बहाने की थी तैयारी, पुलिस दबाव के बाद मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर
हत्याकांड के बाद आरोपी दामाद हेमराज ने अपने चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को बुलाया। तीनों ने मिलकर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को चादर में बांधा और टाटा मैजिक में लादकर खारुन नदी में फेंकने जा रहे थे। रास्ते में पुलिस चेकिंग देखकर आरोपी गाड़ी छोड़कर भाग निकले। पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने बिलासपुर-रतनपुर की ओर भागने के बाद सरेंडर कर दिया, जिसके आधार पर अन्य दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। चूंकि वारदात उरला थाना क्षेत्र की है, इसलिए तीनों आरोपियों को आगे की वैधानिक कार्रवाई हेतु उरला पुलिस को सौंप दिया गया है।






