Shahdol NEET Student: शहडोल। देशभर में NEET-UG परीक्षा परिणाम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक नया मामला सामने आया है। यहां एक छात्रा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के घोषित परिणाम पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अंक जारी करने में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। छात्रा का दावा है कि स्वयं द्वारा किए गए उत्तरों के मिलान के अनुसार उसके करीब 593 अंक बनने चाहिए थे, जबकि NTA द्वारा जारी परिणाम में उसे 720 में से केवल 381 अंक दिए गए हैं। दोनों अंकों के बीच 212 अंकों का बड़ा अंतर होने के कारण छात्रा ने स्कैन OMR शीट उपलब्ध कराने और परिणाम की दोबारा जांच की मांग की है।
OMR मिलान में 593 अंक, रिजल्ट में आए 381
जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले के बकहो नगर परिषद निवासी छात्रा पारुल यादव ने NEET परीक्षा दी थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रा और उसके परिजनों ने उपलब्ध उत्तर कुंजी (Answer Key) के आधार पर कई बार उत्तरों का मिलान किया। परिजनों का दावा है कि इस मिलान में छात्रा के करीब 593 अंक बन रहे थे, लेकिन जब NTA ने अंतिम परिणाम जारी किया तो उसमें छात्रा को 381 अंक ही मिले।परिजनों का कहना है कि 212 अंकों का इतना बड़ा अंतर सामान्य नहीं माना जा सकता और इससे परिणाम प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
NTA को भेजा ईमेल, मांगी स्कैन OMR शीट
Shahdol NEET Student: छात्रा पारुल यादव का कहना है कि परीक्षा के बाद वह अपनी आधिकारिक स्कैन OMR शीट डाउनलोड नहीं कर सकी, जिसके कारण वह अपने उत्तरों का सही तरीके से सत्यापन नहीं कर पा रही है।इसी को लेकर छात्रा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को ईमेल भेजकर अपनी स्कैन OMR शीट उपलब्ध कराने, उत्तरों का पुनः सत्यापन कराने और पूरे परीक्षा परिणाम की दोबारा जांच करने की मांग की है। छात्रा का कहना है कि जब तक उसे OMR शीट नहीं मिलती, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाएगा कि अंक कम आने की वजह क्या है।
मानसिक तनाव में छात्रा, भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
Shahdol NEET Student: छात्रा ने बताया कि परिणाम में आए इस बड़े अंतर के कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रही है। उसका कहना है कि इस विवाद का सीधा असर उसके मेडिकल करियर और भविष्य पर पड़ सकता है। परिवार भी इस मामले में जल्द निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
NTA की प्रतिक्रिया का इंतजार
Shahdol NEET Student: फिलहाल इस मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभी तक ऐसा कोई प्रमाण भी सार्वजनिक नहीं हुआ है, जिससे यह पुष्टि हो सके कि परिणाम जारी करने में तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि हुई है।ऐसे में अब सभी की नजर NTA की आगामी कार्रवाई और जांच पर टिकी हुई है। यदि छात्रा के दावे सही पाए जाते हैं, तो यह मामला NEET परीक्षा परिणाम को लेकर उठे विवादों में एक और महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।







