Rewari Suicide Case: निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी रेलवे स्टेशन परिसर में आज उस समय अचानक सनसनी और हड़कंप मच गया, जब प्लैटफ़ॉर्म नंबर 2 के ओवरब्रिज (पुल) के नीचे एक अधेड़ व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को तत्काल पोस्टमॉर्टम (पीएम) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती शिनाख्त में मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के मऊरानीपुर (बाजपेईपुरा) निवासी दीपक अग्रवाल (पिता चेतन अग्रवाल) के रूप में की गई है।
जेब से बरामद हुआ सुसाइड नोट, सूदखोरी का हुआ भंडाफोड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटनास्थल की बारीकी से सर्चिंग करने के दौरान निवाड़ी पुलिस को मृतक के पास से उसका मोबाइल फोन, कुछ जरूरी दस्तावेज़ और एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस सुसाइड नोट ने क्षेत्र में चल रहे अवैध सूदखोरी के खूनी कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया है। मृतक ने अपने सुसाइड नोट में बेहद भावुक शब्दों में इस बात का साफ उल्लेख किया है कि वह पिछले काफी समय से भारी-भरकम कर्ज और स्थानीय सूदखोरों के लगातार मिल रहे मानसिक व शारीरिक टॉर्चर से बुरी तरह परेशान था, जिसके कारण तंग आकर उसे आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
मूलधन से कई गुना अधिक ब्याज वसूलने का गंभीर आरोप
मृतक दीपक अग्रवाल द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में कुछ रसूखदार लोगों पर सीधे और बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नोट के मुताबिक, संबंधित लोग दिए गए कर्ज के मूलधन से कई गुना ज्यादा ब्याज वसूलने के बाद भी लगातार पैसों की मांग कर रहे थे और उसे प्रताड़ित कर रहे थे। सूदखोरों के इसी चक्रव्यूह और अत्यधिक मानसिक दबाव को न झेल पाने के कारण उन्होंने निवाड़ी स्टेशन पर ट्रेन के आगे आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से मृतक के मऊरानीपुर स्थित परिवार में गहरा कोहराम मच गया है।
साक्ष्यों और सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस की तफ्तीश जारी
इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले को लेकर निवाड़ी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद और सख्त नजर आ रही है। वर्तमान में निवाड़ी कोतवाली प्रभारी बलजीत सिंह जाट के कुशल नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें इस पूरे मामले के हर पहलू की बहुत ही बारीकी से जाँच कर रही हैं। मामले के मुख्य विवेचक लक्ष्मी प्रसाद अनुरागी ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर कानूनी वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी है।
दोषी सूदखोरों पर जल्द कसा जाएगा कानूनी शिकंजा
पुलिस अधिकारियों का साफ़ तौर पर कहना है कि सुसाइड नोट में जिन भी संदिग्ध लोगों और सूदखोरों के नामों का उल्लेख किया गया है, उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। लिखावट (हैंडराइटिंग) की प्रामाणिकता की जाँच के बाद इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) सहित अन्य कड़ी कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी जल्द ही गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।









