Purchase And Sale Fraud : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। लैलूंगा क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम कुंजारा और केसला के कई ग्रामीणों ने दो व्यापारियों पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पैतृक जमीन की रजिस्ट्री तो करा ली गई, लेकिन भुगतान रोक दिया गया।
ठगी का आरोप और पुलिस शिकायत
आरोप के केंद्र में कन्हैयालाल अग्रवाल और डमरुधर यादव नामक दो व्यापारी हैं। पीड़ित श्रीमती मनमेत महंत और श्यामदास महंत ने लैलूंगा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पैतृक संपत्ति मुकडेगा, तहसील लैलूंगा में स्थित जमीन का सौदा उक्त दोनों आरोपितों के साथ किया था।
Purchase And Sale Fraud : शिकायतकर्ताओं ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय में उन्हें चेक द्वारा भुगतान का भरोसा दिया गया था। उन्हें यह आश्वासन दिया गया कि वे कभी भी बैंक से राशि निकाल सकते हैं। हालाँकि, जैसे ही पीड़ितों ने बैंक में चेक जमा करने की कोशिश की, खरीदारों ने बैंक जाकर चेक को ‘होल्ड’ (भुगतान अवरुद्ध) करवा दिया। इस सुनियोजित कार्रवाई के कारण, जमीन का मालिकाना हक तो व्यापारियों को मिल गया, लेकिन पीड़ितों को एक पैसा भी भुगतान नहीं हुआ।
पीड़ित श्रीमती मनमेत महंत ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “हमारी जमीन चली गई, पैसा नहीं मिला… अब न्याय की आस है।”
पुलिस के रवैये पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने इसे साधारण गलती नहीं, बल्कि सुनियोजित ठगी करार दिया है। पीड़ितों ने पुलिस से तत्काल धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।
इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश और अविश्वास का माहौल व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भूमाफियाओं के बढ़ते दुस्साहस पर चिंता व्यक्त की है। कई ग्रामीणों ने यह आशंका भी जताई कि पुलिस और राजस्व अमले की मिलीभगत के बिना इस तरह की बड़ी ठगी संभव नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच कर दोषियों की संपत्ति जब्त की जाए और पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
थाना लैलूंगा पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है और सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।










