Saturday, August 22, 2026
Home International China Mining Tragedy: चीन में दशकों का सबसे भीषण कोयला खदान हादसा,...

China Mining Tragedy: चीन में दशकों का सबसे भीषण कोयला खदान हादसा, शांक्सी प्रांत में जोरदार धमाके से 90 मजदूरों की मौत

China Mining Tragedy: बीजिंग। चीन के सबसे बड़े कोयला उत्पादक क्षेत्र शांक्सी प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ की एक प्रमुख कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट (धमाके) के कारण अब तक कम से कम 90 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 मजदूर अभी भी मलबे और खदान की गहराई में लापता बताए जा रहे हैं। इस विनाशकारी घटना को पिछले कई सालों में चीन का सबसे बड़ा और भयावह कोयला खदान हादसा माना जा रहा है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।

कार्बन मोनोऑक्साइड गैस अलर्ट के तुरंत बाद हुआ महाविस्फोट

चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के मुताबिक, यह भीषण धमाका शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी में स्थित एक कोयला खदान के भीतर हुआ। भौगोलिक दृष्टि से यह इलाका चीन की राजधानी बीजिंग से करीब 520 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रारंभिक जांच और सुरक्षा तंत्र से मिली रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से ठीक कुछ समय पहले खदान के अंदरूनी हिस्सों में अत्यधिक जहरीली ‘कार्बन मोनोऑक्साइड’ गैस के रिसाव का एक ऑटोमैटिक अलर्ट जारी किया गया था। सुरक्षा अलार्म बजने के बाद जब तक मजदूर संभल पाते या उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाती, तब तक खदान के भीतर गैस के दबाव के कारण एक जोरदार और भीषण विस्फोट हो गया।चीन की एक कोयला खदान में धमाका, हादसे में क़रीब 90 लोगों की मौत

247 मजदूर थे भीतर, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुलाई आपात बैठक

प्रांतीय आपातकालीन विभाग ने जानकारी दी है कि जब यह धमाका हुआ, उस समय खदान के ब्लैक ज़ोन के अंदर कुल 247 मजदूर अपनी शिफ्ट में काम कर रहे थे। धमाका होते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। हालांकि, स्थानीय रेस्क्यू टीमों ने तत्परता दिखाते हुए कई मजदूरों को सुरक्षित या घायल अवस्था में बाहर निकाल लिया, लेकिन दर्जनों लोग मलबे और जहरीली गैस के गुबार के बीच अंदर ही फंसे रह गए। अब तक 90 शवों को बाहर निकाला जा चुका है।

इस भीषण मानवीय त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश की सर्वश्रेष्ठ आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव टीमों को तुरंत घटनास्थल पर तैनात होने के आदेश दिए हैं। जिनपिंग ने दोटूक शब्दों में कहा है कि लापता 9 लोगों को खोजने के लिए बिना रुके हर संभव कोशिश की जाए। उन्होंने बीजिंग से निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस लापरवाही और हादसे के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उन पर चीनी कानूनों के तहत सबसे सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

सुरक्षा के दावों की खुली पोल, चीन में थमता नजर नहीं आ रहा हादसों का दौर

शांक्सी प्रांत को पूरे चीन का सबसे बड़ा कोयला उत्पादन का केंद्र माना जाता है, जहाँ से देश की आधी से ज्यादा ऊर्जा जरूरतें पूरी होती हैं। हालांकि, चीनी कम्युनिस्ट सरकार पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और पूरी तरह सुरक्षित करने का दावा करती आई है, लेकिन धरातल पर ये दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।

यदि पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी 2023 में इनर मंगोलिया की एक बड़ी कोयला खदान में भीषण भूस्खलन हुआ था, जिसमें 53 मजदूरों की जान चली गई थी। वहीं पिछले महीने ही इसी शांक्सी प्रांत के लुलियांग इलाके में भी एक अन्य खदान हादसे में 4 मजदूरों की असमय मौत हो गई थी। बार-बार हो रहे इन हादसों ने चीनी खदानों के भीतर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

प्रधानमंत्री ली कियांग ने दिए जांच के आदेश, बारिश और बाढ़ का भी बढ़ा खतरा

हादसे की भयावहता को देखते हुए चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी एक उच्च स्तरीय बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि लापता मजदूरों की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए अत्याधुनिक रोबोटिक्स और फॉरेंसिक टीमों की मदद ली जा रही है। उन्होंने गृह मंत्रालय को हादसे की असली वजह की जल्द से जल्द वैज्ञानिक जांच करने और खदान प्रबंधन के दोषियों को जेल भेजने की बात कही।

सरकारी मीडिया के मुताबिक, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चीन के उप-प्रधानमंत्री झांग गुओकिंग स्वयं कई शीर्ष स्थानीय और केंद्रीय अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं और राहत कार्य की पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। राष्ट्रपति जिनपिंग ने देश के अन्य राज्यों को भी चेतावनी दी है कि चूंकि इस समय चीन में भारी बारिश का मौसम चल रहा है, इसलिए सभी सरकारी विभाग बाढ़, भूस्खलन और दूसरे प्राकृतिक खतरों से औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए अपनी तैयारी को चाक-चौबंद रखें।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here