Premananda Maharaj Emotional message: मथुरा : प्रेमानंद महाराज ने अपने भक्तों के लिए एक भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि भक्त उनकी चिंता न करें, बल्कि भगवान श्रीजी का ध्यान और नाम जप करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे वे सामने रहें या नहीं, उनका प्यार और आशीर्वाद हमेशा भक्तों के साथ रहेगा। महाराज ने कहा— “चिंता मत करो। हम मिलें या न मिलें, लेकिन हम हमेशा आप सबसे प्रेम करते हैं। खूब भजन करो, नाम जप करो और निश्चिंत रहो।”
Premananda Maharaj Emotional message: उन्होंने यह भी बताया कि वे अभी एकांतवास में हैं। उनका कहना था कि यह सब भक्तों के कल्याण के लिए है। उन्होंने अपने शिष्यों से गुरु की आज्ञा मानने और सेवा में लगे रहने को कहा।
Premananda Maharaj Emotional message: 17 मई से प्रेमानंद महाराज की रात की पदयात्रा बंद है। उनकी तबीयत खराब होने के कारण वे भक्तों से मुलाकात भी नहीं कर रहे हैं। उनकी दोनों किडनी खराब हैं और उन्हें हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस करानी पड़ती है।पहले वे रोज तड़के 3 बजे केली कुंज आश्रम से करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल यात्रा करते थे। उनके दर्शन के लिए हजारों भक्त पहुंचते थे।
Premananda Maharaj Emotional message: हालांकि, कुछ दिन पहले वे वराह घाट स्थित अपने गुरु गोविंद शरण महाराज के दर्शन करने गए थे।प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के अखरी गांव में हुआ था। बचपन में उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। वे बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे।
Premananda Maharaj Emotional message: 13 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया और काशी चले गए। वहां उन्होंने ब्रह्मचर्य और साधना का जीवन शुरू किया। बाद में गुरु गौरी शरण जी महाराज से दीक्षा ली और फिर वृंदावन आ गए। वृंदावन में भक्ति और रासलीला से प्रभावित होकर वे राधावल्लभ परंपरा से जुड़ गए और आगे चलकर प्रसिद्ध संत बने।









