Landmark Order by CJM Court Durg: दुर्ग)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में यातायात पुलिस और न्यायपालिका ने सड़कों पर नशा करके गाड़ियां दौड़ाने वाले ड्राइवरों के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा व ऐतिहासिक रुख अपनाया है। राजनांदगांव-दुर्ग-भिलाई रूट पर सवारियों की जान खतरे में डालकर सार्वजनिक बस चला रहे गुरुनानक ट्रैवल्स के शराबी चालक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने तीन दिनों के साधारण कारावास और ₹15,000 आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
दुर्ग जिले के न्यायिक इतिहास में ड्रिंक एंड ड्राइव (Drink and Drive) के किसी मामले में किसी चालक को सीधे जेल भेजने का यह पहला मामला दर्ज किया गया है।
ब्रीथ एनालाइज़र जांच में हुई भारी नशे की पुष्टि
यातायात जांच अभियान के दौरान दुर्ग ट्रैफिक पुलिस के उप-निरीक्षक भीखम और उनकी टीम ने राजनांदगांव से भिलाई की ओर आ रही गुरुनानक ट्रैवल्स की यात्री बस को चेकिंग के लिए रोका।
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चालक की पहचान: जितेन्द्र देवांगन, निवासी दुर्ग।
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जांच प्रक्रिया: पुलिस ने जब चालक को ब्रीथ एनालाइज़र मशीन से चेक किया, तो उसके शरीर में अल्कोहल (शराब) का स्तर काफी खतरनाक सीमा तक पाया गया।
बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी और चालक की इस घोर लापरवाही से किसी बड़े भीषण हादसे का अंदेशा था।
मोटर यान अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
सार्वजनिक सुरक्षा को सीधे तौर पर ताक पर रखने के जुर्म में ट्रैफिक पुलिस ने बस चालक जितेन्द्र देवांगन के खिलाफ मोटर यान अधिनियम (Motor Vehicle Act) की धारा 184 (बेपरवाही से वाहन चलाना) और धारा 185 (नशे की हालत में गाड़ी चलाना) के तहत कानूनी अपराध पंजीकृत कर मामला अदालत में पेश किया।
CJM कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
CJM कोर्ट दुर्ग ने मामले की गंभीरता और सार्वजनिक यातायात में सवारियों की जान जोखिम में डालने के कृत्य पर कोई ढिलाई न दिखाते हुए दोषी चालक को 3 दिन की जेल और ₹15,000 का जुर्माना देने का फैसला सुनाया।
“सड़कों पर शराब पीकर गाड़ियों के स्टेयरिंग छूने वालों को यह सीधा और कड़ा संदेश है। सार्वजनिक बसों और भारी वाहनों के ड्राइवरों द्वारा की जाने वाली ऐसी जानलेवा लापरवाही को दुर्ग पुलिस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”
— मणिशंकर चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), दुर्ग
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद दुर्ग और भिलाई क्षेत्र में नशा करके वाहन चलाने वाले चालकों में हड़कंप मच गया है।




