NEET UG Re-Exam : नई दिल्ली। NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रणाली में कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने साफ कहा है कि छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अगले साल से NEET परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन और कंप्यूटर बेस्ड होगी। यानी अब छात्रों को OMR शीट नहीं मिलेगी और परीक्षा कंप्यूटर पर देनी होगी।
NTA ने घोषणा की है कि रद्द की गई NEET UG 2026 परीक्षा अब 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी। इसके लिए एडमिट कार्ड 14 जून को जारी किए जाएंगे। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी लें।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद 7 मई तक NTA के शिकायत पोर्टल पर कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद एजेंसी ने आंतरिक जांच शुरू की और मामला जांच एजेंसियों को सौंपा गया। जांच में सामने आया कि कुछ शिक्षा माफियाओं ने गेस पेपर जारी किए थे, जो असली परीक्षा से मेल खा रहे थे। 12 मई तक स्थिति स्पष्ट होने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम कराने का फैसला लिया।
उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता है। इसी कारण अगले साल से NEET को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। अब छात्रों को OMR शीट भरने की जरूरत नहीं होगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षा होने से पेपर लीक और गड़बड़ी की संभावनाएं कम होंगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अनियमितताओं को लेकर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। पूरे मामले की जांच CBI कर रही है और शिक्षा माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि किसी भी माफिया को पैसों के दम पर छात्रों की सीट छीनने नहीं दी जाएगी।
री-एग्जाम को लेकर भी छात्रों को राहत दी गई है। NTA ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा देने के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। जिन छात्रों ने पहले आवेदन किया था, वही आवेदन मान्य रहेगा। इसके अलावा छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने का विकल्प भी मिलेगा। इसके लिए उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार मानसून और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भी तैयारी कर रही है। राज्य सरकारों से समन्वय कर छात्रों के परिवहन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की व्यवस्था पर भी चर्चा की जाएगी।
NEET UG Re-Exam : उन्होंने कहा कि NTA सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाई गई एजेंसी है और हर साल करीब 1 करोड़ छात्र इसकी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। सरकार अब परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई सुधार लागू करेगी। राधाकृष्ण समिति की सिफारिशों के बावजूद इस बार हुई गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है।
NEET UG Re-Exam : इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सख्त और स्थायी बदलाव किए जा रहे हैं। अब सभी की नजर 21 जून को होने वाली री-एग्जाम और आने वाली नई ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर टिकी है।









