Naxalite News : माओवादी केंद्रीय समिति का आक्रामक पत्र: आत्मसमर्पण करने वालों को ‘गद्दार’ कहा, संघर्ष जारी रखने का ऐलान

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Naxalite News : रायपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति ने एक विस्तृत बयान जारी कर हालिया आत्मसमर्पणों को केंद्र और राज्य सरकारों की योजना करार दिया है और आत्मसमर्पण करने वालों पर कड़ा आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया है कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में जो माओवादियों के आत्मसमर्पण की चर्चाएँ हो रही हैं, वे झूठी और भ्रामक प्रचार रणनीति का हिस्सा हैं।

Naxalite News : बयान में कहा गया है कि सोनू दादा (महाराष्ट्र) और रूपेश दादा (बस्तर) के नेतृत्व में कथित 61 से अधिक आत्मसमर्पण की खबरें पुलिस निर्मित हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि वास्तविक क्रांतिकारी किसी भी परिस्थिति में आत्मसमर्पण नहीं करेंगे और जिन लोगों ने आत्मसमर्पण किया उन्हें पार्टी ने गद्दार बताया है। पार्टी के अनुसार यह सब सुरक्षा बलों द्वारा अपहरण, दबाव और झूठे प्रचार की योजना का हिस्सा है।

Naxalite News : केंद्र व राज्य पर आरोप: संसाधन-हड़पने की साजिश

Naxalite News : केंद्रीय समिति ने सोमवार को ऑपरेशन ग्रीन हंट (2011 से) और 2020 के बाद शुरू हुए अभियानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ये अभियान आदिवासियों को विस्थापित कर उनके संसाधनों को कॉर्पोरेट कंपनियों के हवाले करने की साजिश हैं। बयान में सरकारों पर पूंजीवादी नीतियाँ लागू करने, गरीबों और आदिवासियों के अधिकारों को खत्म करने और अम्बानी–अदानी जैसे उद्योगपतियों के हित साधने का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने लोगों से सड़क पर उतरकर विरोध करने को कहा है।

Naxalite News : सैन्य दबाव और कैम्पों की शिकायत

Naxalite News : माओवादी संगठन ने कहा है कि सुरक्षा बलों की बढ़ती मौजूदगी और गांवों में स्थापित कैंपों से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा फैली है। संगठन का आरोप है कि 2024–25 में बस्तर और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासनिक और पुलिसीय कैंपों की संख्या 150 से अधिक हो गई, जिससे नागरिकों का उत्पीड़न बढ़ा है।

Naxalite News : संगठन की स्थिति और आगे की रणनीति

Naxalite News : बयान में संगठन ने कहा कि भले ही कुछ इलाकों में दबाव बढ़ा हो, फिर भी उनका संघर्ष जारी है और वे छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड व महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सक्रिय बने हुए हैं। केंद्रीय समिति ने शहीद सप्ताह मनाने और 210 से अधिक शहीद साथियों को श्रद्धांजलि देने की जानकारी दी। संगठन ने आत्मसमर्पण करने वालों को गद्दार करार देते हुए आने वाले महीनों में जनसंघर्ष को पुनर्गठित करने और संघर्ष तेज करने की घोषणा की है।

केन्द्रीय समिति के प्रवक्ता ‘अभय’ ने बयान के अंत में कहा कि राज्य दमनकारी हो सकता है, पर क्रांति रोकी नहीं जा सकती और संगठन अपने क्रांतिकारी रास्ते पर अडिग रहेगा। मामले से जुड़ी सरकार और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, और स्थिति पर सियासी व सुरक्षा स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह समय बताएगा।

 

 

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