MP Politics: भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी और मतभेद की चर्चाओं के बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी से मुलाकात कर सभी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही नाराजगी की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा कि उनके और आशुतोष तिवारी के बीच 25 वर्षों का पारिवारिक रिश्ता है, जो आगे भी इसी तरह कायम रहेगा।
‘राजनीति में उतार-चढ़ाव आते हैं, रिश्ते नहीं बदलते’
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राजनीति में जीत-हार और उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं, लेकिन परिवार, संस्कार और रिश्ते हमेशा स्थायी रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आशुतोष तिवारी उनके छोटे भाई समान हैं और दोनों के बीच कभी किसी प्रकार की कटुता नहीं रही।
उन्होंने कहा कि आज भी आशुतोष तिवारी से पहले जैसी आत्मीयता और स्नेह के साथ मुलाकात हुई। सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्तों को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
आशुतोष तिवारी को बताया समर्पित कार्यकर्ता
MP Politics: पूर्व गृह मंत्री ने आशुतोष तिवारी की कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें भाजपा का कर्मठ, मेहनती और समर्पित कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता और भविष्य में भी वे संगठन के लिए पूरी ताकत से काम करते रहेंगे।
कार्यकर्ताओं से की संयम बरतने की अपील
डॉ. मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर ऐसी कोई टिप्पणी या गतिविधि न करें, जिससे पार्टी, संगठन या किसी कार्यकर्ता की छवि को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है और सभी को संगठन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
उपचुनाव के बाद तेज हुई थी सियासी हलचल
MP Politics: गौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह से हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव परिणाम के बाद आशुतोष तिवारी ने पार्टी के भीतर भीतरघात (क्रॉस वोटिंग और असहयोग) के आरोप लगाए थे और इसके समर्थन में कुछ दस्तावेज एवं ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पार्टी नेतृत्व को सौंपी थीं।
जिला कार्यकारिणी भंग होने के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं
MP Politics: भीतरघात के आरोपों के बाद भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने दतिया जिला कार्यकारिणी को भंग कर समीक्षा प्रक्रिया शुरू की। इसी घटनाक्रम के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के संबंधों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। हालांकि अब दोनों नेताओं की मुलाकात और नरोत्तम मिश्रा के बयान ने इन अटकलों को काफी हद तक विराम दे दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व दतिया उपचुनाव में मिली हार के कारणों की समीक्षा के साथ-साथ संगठन को एकजुट रखने की रणनीति पर भी काम कर रहा है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक संदेश को संगठनात्मक एकता के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।




