Vidisha Gold Scam:दीपक नामदेव\विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा से जुड़ा कथित नकली सोना गिरवी रखकर लाखों रुपये का लोन लेने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले में टीला खेड़ी क्षेत्र के कई लोगों ने पुलिस अधीक्षक (SP) रोहित काशवानी को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Vidisha Gold Scam: फरियादियों का आरोप है कि उन्हें पैसों का लालच और झूठे भरोसे में लेकर उनके नाम पर बैंक में सोना गिरवी रखा गया। बाद में उन्हें पता चला कि जिस सोने के आधार पर बैंक से लाखों रुपये का गोल्ड लोन लिया गया, वह कथित रूप से नकली था। अब बैंक प्रबंधन उन्हीं लोगों पर दबाव बना रहा है जिनके नाम पर यह प्रक्रिया पूरी की गई थी।
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कई परिवारों के नाम पर हुआ कथित खेल
Vidisha Gold Scam: शिकायतकर्ताओं के मुताबिक यह मामला केवल एक या दो लोगों तक सीमित नहीं है। टीला खेड़ी इलाके के कई लोगों के नाम का उपयोग कर बैंक से बड़ी रकम निकाली गई है। आरोप है कि इस पूरे मामले में अभिराज शर्मा, भानु शर्मा और उनके कुछ सहयोगियों ने लोगों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेजों और खातों का इस्तेमाल किया।
Vidisha Gold Scam: पीड़ितों का कहना है कि अब जब कथित गड़बड़ी सामने आ रही है तो बैंक उनसे जवाब मांग रहा है, जबकि असल में रकम किसी और के पास गई है।
“9 लाख रुपये मिले, लेकिन पैसा मैंने दूसरे को दे दिया”
Vidisha Gold Scam: फरियादी गोलू साहू ने बताया कि वह पहले अभिराज शर्मा और भानु शर्मा के यहां काम करता था। उनके कहने पर उसने अपने नाम से बैंक में सोना गिरवी रखा। इसके बदले करीब 9 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हुआ, लेकिन वह पूरी राशि संबंधित लोगों को दे दी गई।
Vidisha Gold Scam: गोलू का कहना है कि बाद में उसे जानकारी मिली कि बैंक में रखा गया सोना कथित रूप से नकली है। अब बैंक लगातार नोटिस भेजकर सोना छुड़ाने और बकाया राशि जमा करने का दबाव बना रहा है। इसी वजह से उसने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न्याय की मांग की है।
“कई लोग फंस गए, अब बैंक बना रहा दबाव”
Vidisha Gold Scam: एक अन्य शिकायतकर्ता विक्रम अहिरवार ने बताया कि उनके क्षेत्र के कई लोगों के नाम पर इसी तरह बैंक से गोल्ड लोन लिया गया है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से दूसरों के नाम का उपयोग कर लाखों रुपये निकाले और अब बैंक असली खाताधारकों को जिम्मेदार ठहरा रहा है।
Vidisha Gold Scam: उनका कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर पैसा किसके पास गया और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
बैंक की प्रक्रिया पर भी उठे गंभीर सवाल
Vidisha Gold Scam: इस पूरे मामले में बैंक की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि गोल्ड लोन जारी करने से पहले बैंक द्वारा सोने की जांच, शुद्धता का परीक्षण और मूल्यांकन किया जाता है। ऐसे में यदि सोना वास्तव में नकली था, तो वह बैंक की जांच प्रक्रिया से कैसे गुजर गया?
Vidisha Gold Scam: इसी वजह से शिकायतकर्ताओं ने बैंक अधिकारियों और शाखा प्रबंधक की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
SP बोले—तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
Vidisha Gold Scam: मामले पर विदिशा के पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने कहा कि कुछ लोगों ने लिखित शिकायत देकर बताया है कि उनके नाम पर कथित रूप से नकली सोना गिरवी रखकर बैंक से ऋण लिया गया और अब उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं।
Vidisha Gold Scam: उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेगी। बैंक अधिकारियों से भी जानकारी ली जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आ सकती हैं कई परतें
Vidisha Gold Scam: प्राथमिक जानकारी के अनुसार मामला केवल वित्तीय धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बैंकिंग प्रक्रिया, दस्तावेजों के उपयोग और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर सवाल भी शामिल हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला जिले के बड़े बैंकिंग घोटालों में शामिल हो सकता है।









