MP Police Transfer: निवाड़ी (म.प्र.)। निवाड़ी जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, चुस्त-दुरुस्त और प्रभावी बनाने की दिशा में पुलिस महकमे ने एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) निवाड़ी द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के तहत जिले के पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस कप्तान द्वारा जारी की गई इस नई सूची में निवाड़ी जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और पुलिस लाइन में लंबे समय से पदस्थ कुल 17 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण (तबादला) कर दिया गया है।
तबादला नीति 2026 और पीएचक्यू (PHQ) के निर्देशों के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह प्रशासनिक कार्रवाई पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल के कड़े दिशा-निर्देशों एवं राज्य शासन की ‘स्थानांतरण नीति 2026’ के तहत पूर्णतः वैधानिक रूप से की गई है। एसपी निवाड़ी द्वारा जारी किए गए इस कड़े स्थानांतरण आदेश में साफ तौर पर निर्देशित किया गया है कि सूची में शामिल सभी स्थानांतरित अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी तकनीकी विलंब के, आगामी आदेश तक अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर तत्काल प्रभाव से पहुँचकर अपना कार्यभार (चार्ज) ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे।
विभिन्न थानों और चौकियों के समीकरण बदले, कई भेजे गए पुलिस लाइन
इस प्रशासनिक फेरबदल के अंतर्गत जिले की पूरी सुरक्षा व्यवस्था के समीकरणों में बदलाव देखने को मिला है। जिन प्रमुख थानों और शाखाओं के स्टाफ बदले गए हैं, उनका विवरण निम्नलिखित है:
- प्रभावित क्षेत्र: कोतवाली निवाड़ी, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी ओरछा थाना, सेंदरी, सिमरा और महिला थाना निवाड़ी सहित विभिन्न थानों और चौकियों से पुलिसकर्मियों को इधर से उधर किया गया है।
- लाइन हाजिर की कार्रवाई: प्रशासनिक और विभागीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई थानों के कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस लाइन निवाड़ी संबद्ध (भेजा) किया गया है।
- नई जिम्मेदारियां: कार्यकुशलता के आधार पर कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारियों को पृथ्वीपुर, जेरोन, सेंदरी और कोतवाली निवाड़ी जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील थाना क्षेत्रों में नई और बड़ी फील्ड जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
थाना प्रभारियों को कड़ा संदेश: आदेश की अवहेलना पर होगी कार्रवाई
तबादला सूची जारी होने के साथ ही पुलिस अधीक्षक निवाड़ी ने जिले के सभी संबंधित थाना प्रभारियों (TI), चौकी प्रभारियों एवं शाखा प्रमुखों को इस विभागीय आदेश का शत-प्रतिशत और कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि किसी भी पुलिसकर्मी को कार्यमुक्त करने में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से थानों की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी, अपराधों पर नियंत्रण लगेगा और आम जनता के बीच पुलिस की स्वीकार्यता व साख और अधिक मजबूत होगी।









