लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विधायक पूजा पाल को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई यूपी विधानसभा में उनके बयान के तुरंत बाद की गई, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि “योगी ने माफिया अतीक अहमद को मिट्टी में मिलाया और मुझे व कई महिलाओं को न्याय दिलाया।”
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पार्टी का आरोप:
सपा ने कहा कि पूजा पाल लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रही हैं। चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ।
पृष्ठभूमि:
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2005 में पूजा पाल के पति और बसपा विधायक राजू पाल की हत्या अतीक अहमद ने की थी।
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2022 में सपा के टिकट पर विधायक बनीं।
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फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में भाजपा को क्रॉस वोटिंग की थी।
राजनीतिक संदर्भ:
पूजा पाल ने इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात की और अतीक अहमद के खिलाफ बयान दिए थे। अखिलेश यादव को मुस्लिम वोटबैंक के खिसकने का खतरा दिखाई दिया, जिसके कारण उन्हें 8 घंटे के भीतर पार्टी से बाहर कर दिया गया।
पूजा पाल का बयान:
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“मैंने न सपा का नाम लिया, न अखिलेश का। केवल अपराधी का नाम लिया और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।”
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भाजपा जॉइन करने पर कहा – अभी कोई योजना नहीं है।
परिवारिक लिंक:
उमेश पाल, जो राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह थे, पूजा पाल के परिवार से जुड़े हैं। उमेश पाल की 2023 में हत्या कर दी गई थी।
राजनीतिक परिणाम:
राज्यसभा क्रॉस वोटिंग के बाद सपा से निकाले गए बागी विधायकों की संख्या अब चार हो गई है।











