Kondagaon Murder Case : कोंडागांव। न्याय की जीत का एक अहम फैसला कोंडागांव से आया है। हत्या के आरोप में बीते 18 महीनों से जगदलपुर जेल में बंद चार आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त कर रिहा कर दिया है। मामला धनोरा थाना क्षेत्र का है, जहाँ मार्च 2024 में एक सड़ी-गली लाश नाले किनारे मिली थी, जिसकी पहचान गांव के लापता युवक सतऊ के रूप में बताई गई थी।
Kondagaon Murder Case : जांच के दौरान पुलिस ने शक के आधार पर शिवकुमार कुंजाम, सियाराम कुंजाम, मनकू मंडावी और मंगलराम मंडावी को गिरफ्तार कर IPC की धारा 302, 201 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर जेल भेज दिया था। लेकिन अब जिला एवं सत्र न्यायालय कोंडागांव ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष हत्या को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
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अधिवक्ता असीम बी. गोपाल और पारस साहू ने बताया कि सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने यह तर्क रखा कि शव का DNA टेस्ट नहीं कराया गया, जिससे पहचान पर ही सवाल खड़ा हुआ। साथ ही, प्राथी द्वारा कोई ठोस सबूत या जमीन विवाद का प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
इन परिस्थितियों में अदालत ने माना कि आरोप केवल अनुमान पर आधारित थे, और अभियोजन द्वारा अपराध सिद्ध न कर पाने के कारण 3 नवंबर 2025 को चारों अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया गया।
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इस फैसले के साथ कोर्ट ने यह संदेश दिया है कि—“सिर्फ शक के आधार पर किसी को सजा नहीं दी जा सकती, सबूत ही सच्चे न्याय की नींव हैं।”









