Kawardha News : कबूतर कांड के बाद बंदर विवाद! कलेक्टर-एसपी के बीच तालमेल टूटा, आधी रात बंगले पर घेराव…

Kawardha News : कवर्धा, 25 अगस्त 2025 छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में कलेक्टर और एसपी के बीच बढ़ते तालमेल के संकट ने नया रूप ले लिया है। चार महीने के अंदर दूसरी बार आधी रात को कलेक्टर के बंगले के बाहर प्रदर्शन और घेराव की घटनाओं के बाद प्रशासनिक प्रमुख ने एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Kawardha News : कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अपने पत्र में 19 मई और 15 अगस्त की रात को हुई घटनाओं का हवाला देते हुए पुलिस की पेट्रोलिंग और सुरक्षा इंतजामों पर असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि कलेक्टर बंगले के आसपास की सुरक्षा को सुदृढ़ किया जाए, क्योंकि इन दोनों घटनाओं ने प्रशासनिक प्रमुख की सुरक्षा व्यवस्था में कमी को उजागर किया है।

बंदरों के घायल होने से शुरू हुआ विवाद

15 अगस्त की रात बिजली गिरने की वजह से कवर्धा में तीन बंदरों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल बंदरों को लेकर स्थानीय लोग वेटनरी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले। अधिकारियों का मोबाइल भी बंद मिला, और कलेक्टर भी जिले में मौजूद नहीं थे। इस बात से नाराज लोग आधी रात को कलेक्टर के बंगले के बाहर धरने पर बैठ गए, जिसने प्रशासनिक संकट को और गहरा कर दिया।

Kawardha News

पुलिस ने बाद में देर रात मवेशी डॉक्टर को बुलाकर घायल बंदर का उपचार कराया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हो चुका था। इस विवाद ने जिले के प्रशासनिक प्रमुखों के बीच तालमेल की कमी को सामने ला दिया।

कबूतर कांड के बाद फिर से कलेक्टर-एसपी के रिश्ते पर उठे सवाल

कवर्धा का यह मामला तब और ज्यादा संवेदनशील हो जाता है जब इसे मुंगेली जिले में हुए ‘कबूतर कांड’ से जोड़ा जाए। वहां पिछले साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में कबूतर उड़ाने के नाम पर हुई गड़बड़ी के बाद भी कलेक्टर और एसपी के बीच विवाद उभरा था। तब एसपी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर कबूतर की मौत की जांच कराने को कहा था, जिसके कुछ दिन बाद एसपी को पद से हटाया गया था।

इसी सिलसिले को देखते हुए कवर्धा में कलेक्टर द्वारा एसपी को पत्र लिखना प्रशासनिक संबंधों में आई खटास का संकेत माना जा रहा है। यह सवाल उठता है कि अगर दोनों शीर्ष अधिकारी मिलकर काम करते तो कलेक्टर को सुरक्षा की गुहार क्यों लगानी पड़ती।

शासन का संदेश और आगे का रास्ता

सरकार ने पहले भी कलेक्टर-एसपी के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया है। जनवरी 2025 में जीएडी सचिव मुकेश बंसल ने भी दोनों अधिकारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से निर्देश दिए थे कि वे नियमित रूप से एक साथ जिलों का दौरा करें और प्रशासनिक कार्यों में समन्वय बनाए रखें।

फिलहाल कवर्धा का मामला इस बात का सबूत है कि प्रशासनिक समन्वय के अभाव में संवेदनशील जिले में कई तरह की कमियां सामने आ सकती हैं। इस मामले की जांच और सुधार की आवश्यकता प्रशासन और सरकार दोनों के लिए चुनौती है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

raipur-gold-shop-robbery-arrest:लक्ष्य ज्वेलर्स चोरी केस: डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने दबोचे आरोपी

raipur-gold-shop-robbery-arrest: राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स...

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories