Tuesday, March 10, 2026
36.6 C
Raipur

क्या माता-पिता का ‘दर्द’ पहुंच सकता है बच्चों तक? रिसर्च में सामने आया इंटरजेनरेशनल ट्रॉमा का सच

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: कई बार ऐसा देखा जाता है कि बच्चे बिना किसी स्पष्ट कारण के डर, चिंता या उदासी महसूस करते हैं। हाल ही में हुई कुछ वैज्ञानिक रिसर्च यह संकेत देती हैं कि इसके पीछे एक गहरा कारण हो सकता है—माता-पिता या पिछली पीढ़ियों के अनुभवों से जुड़ा मानसिक आघात। इसे विज्ञान की भाषा में इंटरजेनरेशनल ट्रॉमा (Intergenerational Trauma) कहा जाता है।

मनोविज्ञान और जेनेटिक्स के क्षेत्र में हुए अध्ययनों ने इस अवधारणा को नई दृष्टि दी है। शोधकर्ताओं के अनुसार बच्चे केवल वही नहीं सीखते जो वे देखते हैं, बल्कि कभी-कभी वे उन भावनात्मक घावों का असर भी महसूस कर सकते हैं जो उन्होंने स्वयं अनुभव नहीं किए होते।

Read More : CG NEWS : रायपुर स्मार्ट सिटी के कामों की होगी जांच, विधानसभा में मंत्री अरुण साव की घोषणा

क्या कहता है विज्ञान

वैज्ञानिकों का मानना है कि जब कोई व्यक्ति गंभीर मानसिक आघात—जैसे युद्ध, अकाल, हिंसा, शोषण या गहरा शोक—से गुजरता है, तो उसका असर केवल मानसिक स्तर तक सीमित नहीं रहता। यह शरीर के जीन्स की कार्यप्रणाली पर भी प्रभाव डाल सकता है।

इस प्रक्रिया को एपीजेनेटिक्स (Epigenetics) कहा जाता है। इसमें डीएनए की मूल संरचना नहीं बदलती, लेकिन जीन्स के काम करने के तरीके पर रासायनिक “मार्क” बन जाते हैं। ये बदलाव कभी-कभी अगली पीढ़ी तक पहुंच सकते हैं, जिससे बच्चे तनाव या डर के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।

बच्चों में कैसे दिखता है इसका असर

इंटरजेनरेशनल ट्रॉमा हर बच्चे में एक जैसा दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। फिर भी कुछ सामान्य संकेत देखे जा सकते हैं।

  • बिना किसी स्पष्ट कारण के डर या चिंता महसूस करना

  • हर समय सतर्क या असुरक्षित महसूस करना

  • छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक गुस्सा या भावनात्मक प्रतिक्रिया

  • सामाजिक रूप से अलग-थलग रहना

  • तनाव या बीमारियों से लड़ने की क्षमता का कमजोर होना

परवरिश की भूमिका भी अहम

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रॉमा केवल जीन्स के जरिए ही नहीं बल्कि व्यवहार और परवरिश के माध्यम से भी आगे बढ़ सकता है। यदि माता-पिता अपने पुराने डर या दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, तो उनका व्यवहार अनजाने में बच्चों को प्रभावित कर सकता है।

उदाहरण के तौर पर, एक अत्यधिक डरा हुआ माता-पिता अपने बच्चे के प्रति बहुत अधिक सुरक्षात्मक हो सकता है। इससे बच्चा दुनिया को असुरक्षित और खतरनाक जगह के रूप में देखने लगता है।

इस चक्र को कैसे तोड़ा जा सकता है

अच्छी बात यह है कि इंटरजेनरेशनल ट्रॉमा की इस श्रृंखला को तोड़ा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार जागरूकता और सही कदम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • थेरेपी और काउंसलिंग: माता-पिता को अपने पुराने अनुभवों और भावनात्मक घावों पर विशेषज्ञों से खुलकर बात करनी चाहिए।

  • सचेत परवरिश: बच्चों को सुरक्षित और प्रेमपूर्ण वातावरण देना जरूरी है।

  • खुला संवाद: बच्चों से उनकी भावनाओं और डर के बारे में खुलकर बातचीत करना मददगार हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही विज्ञान यह संकेत देता हो कि ट्रॉमा पीढ़ियों तक पहुंच सकता है, लेकिन प्यार, समझ और सही मानसिक स्वास्थ्य सहायता इस प्रभाव को कम करने और एक स्वस्थ भविष्य बनाने में मदद कर सकती है।

Share The News

Latest YouTube Videos

women's Day: Raipur में महिला दिवस पर ‘शक्ति 2.0’ कार्यक्रम, महिला CA को मिला नया मंच..

women's Day: Raipur में महिला दिवस पर ‘शक्ति 2.0’ कार्यक्रम, महिला CA को मिला नया मंच..

Bangladesh Election: 20 साल बाद सत्ता परिवर्तन, TariqueRahmanबनेंगे PM?Bangladesh में बदला पूरा गेम!

Bangladesh Election: 20 साल बाद सत्ता परिवर्तन, TariqueRahmanबनेंगे PM?Bangladesh में बदला पूरा गेम!

New labor laws: NewLaborLaws के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल, सड़कों पर उतरे कर्मचारी..

New labor laws: NewLaborLaws के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल, सड़कों पर उतरे कर्मचारी..

Bharatmala Scam: 1 जमीन के 80 मालिक! 43CroreScam  मुआवजा घोटाले की पूरी कहानी

Bharatmala Scam: 1 जमीन के 80 मालिक! 43CroreScam मुआवजा घोटाले की पूरी कहानी

Salma Sultana Murder Mystery: गोद में लाश, होंठों पर गाना! Court में गूंजा सनसनीखेज बयान

Salma Sultana Murder Mystery: गोद में लाश, होंठों पर गाना! Court में गूंजा सनसनीखेज बयान

Nishaanebaz Top 10: देखें निशानेबाज़ पर Aaj की छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की 10 बड़ी खबरें

Nishaanebaz Top 10: देखें निशानेबाज़ पर Aaj की छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की 10 बड़ी खबरें

Latest YouTube Shorts

24 फरवरी को पेश होगा छत्तीसगढ़ का बजट - वित्त मंत्री

24 फरवरी को पेश होगा छत्तीसगढ़ का बजट - वित्त मंत्री

मक्का प्लांट पर ग्रामीणों का हमला, वेस्ट से फसल बर्बादी का आरोप

मक्का प्लांट पर ग्रामीणों का हमला, वेस्ट से फसल बर्बादी का आरोप

दुर्ग में ‘रील’ का रौब पड़ा भारी: नकली पिस्टल से स्टंट, तीन गिरफ्तार

दुर्ग में ‘रील’ का रौब पड़ा भारी: नकली पिस्टल से स्टंट, तीन गिरफ्तार

महासमुंद में ड्रग्स तस्करी पर वार: बोलेरो से 11 किलो गांजा जब्त,

महासमुंद में ड्रग्स तस्करी पर वार: बोलेरो से 11 किलो गांजा जब्त,

छत्तीसगढ़ में मिड डे मील के बाद 24 बच्चे बीमार

छत्तीसगढ़ में मिड डे मील के बाद 24 बच्चे बीमार

शटर डाउन… अंदर धंधा! रायपुर में 6 गिरफ्तार

शटर डाउन… अंदर धंधा! रायपुर में 6 गिरफ्तार

Subscribe to our YouTube Channel

► Subscribe

Popular News

Related Articles

Popular Categories