निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भारत का रियल एस्टेट सेक्टर 2025 में अभूतपूर्व तेजी के साथ आगे बढ़ा है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों और संस्थागत निवेशकों के मजबूत भरोसे ने इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में रियल एस्टेट में हर दिन औसतन 255 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश दर्ज किया गया, जिसने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।
10.4 अरब डॉलर का ऐतिहासिक निवेश
प्रॉपर्टी कंसलटेंसी फर्म जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कैलेंडर ईयर 2025 में रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश 10.4 अरब डॉलर (करीब 93,200 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया। यह आंकड़ा 2024 के पिछले रिकॉर्ड 8.4 अरब डॉलर से कहीं अधिक है, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
घरेलू निवेशकों की मजबूत वापसी
कोटक अल्टरनेट एसेट मैनेजर्स के एमडी श्रीनि श्रीनिवासन के अनुसार, भारत की मजबूत आर्थिक ग्रोथ, रणनीतिक नीतियां और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देश को ग्लोबल कैप्टिव सेंटर्स के लिए आकर्षक बना रहे हैं। खास बात यह रही कि 2014 के बाद पहली बार घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 52 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की, जो सेक्टर में आत्मनिर्भर पूंजी की मजबूती को दर्शाता है।
REITs और InvITs बने निवेश की रीढ़
रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) ने घरेलू निवेश में अहम भूमिका निभाई। इन दोनों माध्यमों से करीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल असेट अधिग्रहण का 56 प्रतिशत है। इससे निवेशकों को स्थिर और लॉन्गटर्म रिटर्न की उम्मीद मजबूत हुई है।
ऑफिस सेक्टर और नए एसेट क्लास चमके
जेएलएल के चीफ इकोनॉमिस्ट समंतक दास के मुताबिक, 2025 में ऑफिस रियल एस्टेट सेक्टर ने 6 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया, जो पिछले साल से दोगुना है। इसके अलावा डेटा सेंटर, छात्र आवास, हेल्थकेयर और लाइफ साइंस जैसे उभरते एसेट क्लास में भी तेजी देखने को मिली।
बड़े शहरों के साथ टियर-2 शहरों में भी निवेश
भौगोलिक स्तर पर बेंगलुरु ने कुल निवेश का 29 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर बढ़त बनाई, जबकि मुंबई-एमएमआर दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, टियर-2 शहरों में भी करीब 175 मिलियन डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करता है।









