MP election candidate disqualification 3500 : मध्यप्रदेश में आगामी नगरीय निकाय चुनाव से पहले राज्य चुनाव आयोग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। आयोग ने करीब 3500 प्रत्याशियों को चुनावी प्रक्रिया से अयोग्य घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई चुनावी खर्च का पूरा और सही विवरण जमा न करने पर की गई है।
चुनावी खर्च में गड़बड़ी बनी कार्रवाई की वजह
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, किसी भी उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने पूरे चुनावी खर्च का विस्तृत विवरण जमा करना अनिवार्य होता है। लेकिन जांच में सामने आया कि हजारों प्रत्याशियों ने या तो खर्च का हिसाब नहीं दिया या अधूरी जानकारी प्रस्तुत की।आयोग ने संबंधित उम्मीदवारों को सुनवाई का अवसर भी दिया, लेकिन संतोषजनक दस्तावेज नहीं मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
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2 से 5 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक
इस कार्रवाई के तहत आयोग ने अलग-अलग स्तर की सजा तय की है। जिन प्रत्याशियों को कम गंभीर उल्लंघन में पाया गया है, उन्हें 2 साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया है, जबकि गंभीर मामलों में 5 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाई गई है।इसका सीधा असर 2027 के नगरीय निकाय चुनाव और 2031 तक के चुनावी परिदृश्य पर पड़ेगा।
भोपाल सहित कई क्षेत्रों में असर
इस निर्णय से भोपाल सहित प्रदेश के कई वार्डों में राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। कई संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय नेताओं की चुनावी तैयारी पर बड़ा झटका लगा है।सूत्रों के अनुसार, वार्ड-वार कई प्रमुख नाम भी इस सूची में शामिल हैं, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
आयोग का सख्त संदेश
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और धनबल के दुरुपयोग को रोकना है। भविष्य में सभी उम्मीदवारों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।









