ILLEGAL Liquor Factory : पूर्व विधानसभा प्रत्याशी के फार्म हाउस पर छापा; 5 आरोपी गिरफ्तार, चल रही थी ₹4 करोड़ की अवैध शराब फैक्ट्री

ILLEGAL Liquor Factory : ग्वालियर। ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में आबकारी विभाग और पुलिस की नाक के नीचे एक अवैध नकली शराब की फैक्ट्री चल रही थी। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर आबकारी विभाग ने बीती रात राष्ट्रीय राजमार्ग (हाइवे) किनारे स्थित एक फार्म हाउस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इस अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

हाइवे किनारे स्थित दो मंजिला फार्म हाउस में नकली देशी और विदेशी शराब बनाने का काम चल रहा था। आबकारी की संयुक्त टीम ने दबिश के दौरान मौके से लगभग 4 करोड़ रुपये की नकली शराब, मशीनें और भारी मात्रा में सामग्री जब्त की है।

ILLEGAL Liquor Factory : कार्रवाई के दौरान आबकारी दस्ते ने मौके से एक महिला सहित पांच आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें हरियाणा के शराब तस्कर भी शामिल हैं। सहायक आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी ने बताया कि फैक्ट्री से जब्त की गई सामग्री से लगभग 5500 पेटी शराब तैयार की जा सकती थी। इसके अलावा, रॉयल चैलेंज की 61 पेटी और पॉवर व्हीस्की की 171 पेटी समेत शराब से भरी 232 पेटी भी मिली हैं। अधिकारी के अनुसार, फैक्ट्री से 25 हजार लीटर कच्ची शराब, 429 पेटियां रेडी ब्रांड की शराब, 7 लाख रुपये नगद और यूपी नंबर की लोडिंग गाड़ी जब्त की गई है। बरामद शराब की कीमत लगभग 4 करोड़ और अन्य सामग्री की कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई गई है।

नेताओं के संरक्षण का खुलासा

नकली शराब की यह फैक्ट्री जिस फार्म हाउस में चल रही थी, वह ग्वालियर के कांग्रेस और बसपा से जुड़े रह चुके नेता सुरेंद्र तोमर का बताया गया है, जिन्होंने बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ा था और अब भाजपा से जुड़े हैं। फार्म हाउस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ सुरेंद्र तोमर का फोटो भी लगा मिला है। हालांकि, बताया जा रहा है कि फैक्ट्री किराए पर लेकर चलाई जा रही थी। इस भवन का देहरादून के अमित कुमार के साथ अनुबंध मिला है, जिसके आधार पर हरियाणा के तस्कर यह फैक्ट्री चला रहे थे।

पकड़े गए आरोपियों में सुनीता जाट (नजफगढ़), मोहित उर्फ मोनू तोमर (अंबाह), सुमित जाट, प्रीतम जाट और दीपक जाट (जींद, हरियाणा) शामिल हैं। जब्त दस्तावेजों में मोहित तोमर, सुरेंद्र तोमर और अमित कुमार के बीच एग्रीमेंट पत्र भी मिला है।

आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी ने बताया कि यहां बनने वाली शराब की सप्लाई मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और हरियाणा में की जाती थी। फैक्ट्री लगभग तीन माह से चल रही थी, लेकिन पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। मौके पर पकड़ी गई महिला सुनीता ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह डेढ़ महीने पहले ही यहाँ खाना बनाने आई थी।

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