Raipur Fuel Scam: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे लोकप्रिय और वीआईपी इलाकों में शुमार तेलीबांधा मरीन ड्राइव स्थित ‘जय जवान पेट्रोल पंप’ से धोखाधड़ी और मिलावटखोरी का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहाँ पेट्रोल पंप के नोजल से गाड़ियों में पेट्रोल की जगह पानी मिला हुआ ईंधन डालने का संगीन आरोप लगा है। इस मिलावटी ईंधन के कारण क्षेत्र में सफर कर रहे दर्जनों दुपहिया और चार पहिया वाहनों के इंजन अचानक रास्ते में ही बंद हो गए, जिससे कई गाड़ियों के इंजन सीज होने की नौबत आ गई है। इस घटना से आक्रोशित पीड़ित वाहन चालकों ने पेट्रोल पंप परिसर का घेराव कर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।
पेट्रोल भरवाते ही थम गए पहिए, ग्राहकों को भारी आर्थिक चपत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मरीन ड्राइव स्थित इस व्यस्त पेट्रोल पंप पर रोजाना की तरह सैकड़ों लोग ईंधन भरवाने पहुंचे थे। कुछ वाहन चालकों का दावा है कि पेट्रोल पंप के नोजल से जो तेल गाड़ियों में डाला गया, उसमें अत्यधिक मात्रा में पानी मिला हुआ था। ईंधन टैंक में मिलावटी पेट्रोल जाते ही गाड़ियां कुछ मीटर की दूरी पर जाकर अचानक बंद होने लगीं। जब मैकेनिकों द्वारा वाहनों की जांच की गई, तो टैंक से पेट्रोल की जगह पानी का मिश्रण बाहर निकला। इस लापरवाही के कारण कई महंगी गाड़ियों के इंजन बुरी तरह डैमेज हो गए हैं, जिससे ग्राहकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मौके पर मची अफरा-तफरी, मुआवजे की मांग पर अड़े वाहन मालिक
घटना की खबर जैसे-जैसे शहर में फैली, प्रभावित वाहन मालिकों और ठगे गए ग्राहकों का हुजूम जय जवान पेट्रोल पंप पर जुटना शुरू हो गया। नाराज लोगों ने पेट्रोल पंप के दफ्तर और नोजल पॉइंट के सामने खड़े होकर प्रबंधन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। आक्रोशित जनता और पीड़ित ग्राहकों ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि उनके वाहनों की मरम्मत में आने वाला पूरा खर्च पेट्रोल पंप संचालक द्वारा वहन किया जाए और मिलावटखोरी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
प्रशासनिक अमला मौके पर तैनात, सैंपल लेकर जांच शुरू
मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए स्थानीय पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ तत्काल जय जवान पेट्रोल पंप पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने उग्र हो रही भीड़ को शांत कराया और निष्पक्ष विधिक कार्रवाई का भरोसा दिया। खाद्य विभाग की तकनीकी टीम ने तत्काल प्रभाव से पेट्रोल पंप के विभिन्न टैंकों और नोजल से ईंधन के आधिकारिक सैंपल (नमूने) सील किए हैं, जिन्हें विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लैब की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा। यदि मिलावट की पुष्टि होती है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम और अन्य विधिक धाराओं के तहत पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द करने और संचालकों को जेल भेजने की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






