Friday, August 21, 2026
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Singrauli Ambulance Crisis: मुख्य सड़क तक नहीं पहुंच सकी एम्बुलेंस, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; सुनवाई न होने का आरोप

Singrauli Ambulance Crisis:  सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से ग्रामीण अंचलों में विकास और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलती हुई एक बेहद चिंताजनक और विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। जिला मुख्यालय से दूर सरई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महरैल जंगल के इलाके में प्रशासनिक उदासीनता के कारण एक बार फिर स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी तरह से लाचार नजर आईं। यहाँ रविवार को करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गई एक महिला को समय पर एम्बुलेंस की सुविधा सिर्फ इसलिए नहीं मिल सकी क्योंकि गांव तक पहुंचने का रास्ता पिछले कई महीनों से पूरी तरह बाधित है। अंततः, तड़पती हुई महिला की जान बचाने के लिए ग्रामीणों को आदिम दौर की तरह उसे खाट पर ढोकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा।

बिजली की चपेट में आई महिला, तड़पती रही पर नहीं पहुंच सकी गाड़ी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को महरैल जंगल क्षेत्र के एक ग्रामीण घर में करंट प्रवाहित होने से एक महिला इसकी चपेट में आ गई और बुरी तरह झुलस गई। हादसे के बाद महिला दर्द से कराह रही थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। परिजनों और ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तत्काल ‘108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा’ को फोन कर घटना की जानकारी दी और वाहन भेजने की गुहार लगाई। एम्बुलेंस रवाना भी हुई, लेकिन महरैल जंगल के दुर्गम और बदहाल रास्ते के कारण वह गांव के मुख्य रिहायशी इलाके तक नहीं पहुंच पाई। गांव की सीमा से काफी दूर ही एम्बुलेंस के पहिए थम गए और वह वहां खड़ी बेबस नजर आई।

तीन महीने से बंद है रास्ता, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

जब ग्रामीणों ने देखा कि रास्ता बंद होने के कारण एम्बुलेंस अंदर नहीं आ पा रही है और महिला की सांसें उखड़ रही हैं, तो उन्होंने खुद मोर्चा संभाला। गांव के युवाओं और पुरुषों ने घायल महिला को एक लकड़ी की खाट (चारपाई) पर लेटाया और उसे अपने कंधों पर उठाकर महरैल जंगल के पथरीले और दुर्गम रास्तों से होते हुए करीब दो किलोमीटर का सफर पैदल ही तय किया। इस बेहद जोखिमभरे सफर को पूरा कर जब ग्रामीण मुख्य सड़क पर पहुंचे, तब जाकर महिला को एम्बुलेंस में शिफ्ट किया जा सका और उसे नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में उसका गहन उपचार जारी है।

इस घटना को लेकर स्थानीय महरैल और सरई क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह रास्ता पिछले तीन महीने से पूरी तरह से बंद और जर्जर है, जिसकी वजह से आए दिन इस तरह की आपातकालीन स्थितियां निर्मित होती रहती हैं। ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क मार्ग को सुचारू करने की लिखित व मौखिक शिकायतें की हैं, लेकिन आज तक इस सुदूर अंचल की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा। इस गंभीर वाकये ने साफ कर दिया है कि कागजों पर सरपट दौड़ते विकास के दावों और जमीनी हकीकत में आज भी कोसों की दूरी है।

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