Gwalior News : ग्वालियर: ग्वालियर में पुलिस विभाग से जुड़े एक हाईप्रोफाइल मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल, तत्कालीन थाटीपुर थाना प्रभारी सुरेंद्रनाथ सिंह यादव, सब इंस्पेक्टर अजय सिंह और हवलदार संतोष वर्मा के खिलाफ डकैती, लूट, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 22 जून को पेश होने के लिए समन भी जारी किया है।
Gwalior News : यह मामला वर्ष 2023 में थाटीपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक लेनदेन विवाद से जुड़ा हुआ है। उस समय पुलिस ने अनूप राणा, चंद्रलेखा और भानू प्रताप के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में शिकायतकर्ता अनूप राणा ने अदालत में आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उनके परिवार से करीब 30 लाख रुपए की अवैध वसूली की।
Gwalior News : शिकायत के मुताबिक अनूप राणा के भाई पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज था, लेकिन फरियादी से समझौता होने के बावजूद पुलिसकर्मी लगातार पैसों की मांग करते रहे। आरोप है कि पहले 5 लाख रुपए लिए गए, फिर और रकम मांगी गई। पैसे नहीं देने पर फर्जी एनकाउंटर की धमकी तक दी गई।
Gwalior News : अनूप राणा ने अदालत को बताया कि थाना प्रभारी सुरेंद्रनाथ सिंह यादव के निर्देश पर हवलदार संतोष वर्मा ने उनके घर से 9.30 लाख रुपए और केस से जुड़ी एक महिला के घर से 15 लाख रुपए लिए। इस पूरे मामले की लिखित शिकायत तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल को भी दी गई थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय मामला दोबारा थाटीपुर थाने भेज दिया गया।
Gwalior News : इसके बाद पुलिस ने अनूप राणा को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल से बाहर आने के बाद वर्ष 2024 में उन्होंने अदालत का रुख किया। करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सोमवार को यह महत्वपूर्ण आदेश सुनाया।
Gwalior News : अदालत ने चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लूट का प्रयास, संगठित तरीके से लूट, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने के आरोपों में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मामले में याचिकाकर्ता के वकील अशोक प्रजापति ने इसे न्याय की बड़ी जीत बताया है।
Gwalior News : कोर्ट के इस आदेश के बाद ग्वालियर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अब 22 जून को सभी आरोपियों की अदालत में पेशी होगी, जहां मामले की आगे की सुनवाई की जाएगी।









