Saturday, September 19, 2026
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Gharghoda tender controversy : कोर्ट ने निविदा पर नहीं लगाई स्थायी रोक, CMO को ‘फ्री हैंड’

Gharghoda tender controversy :  गौरी शंकर गुप्ता/ घरघोड़ा। नगर पंचायत घरघोड़ा में टेंडर विवाद को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश के संबंध में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें भ्रामक पाई गई हैं। यह दावा किया जा रहा है कि कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह अवैध ठहराकर उसे स्थायी रूप से रद्द कर दिया है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे भिन्न है। मुख्य न्यायाधीश की युगलपीठ ने केवल यह कहा कि बिना औपचारिक ‘कार्य समाप्ति आदेश’ (Termination Order) जारी किए याचिकाकर्ता से जुड़े कार्यों के लिए नई निविदा जारी नहीं की जा सकती। इस प्रक्रियागत त्रुटि के आधार पर, 07 अक्टूबर 2025 की निविदा केवल याचिकाकर्ता ठेकेदार के संदर्भ में निरस्त की गई।

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न्यायालय ने नगर पंचायत घरघोड़ा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि ठेकेदार के पूर्व कार्य में कोई कमी है, तो वे विधि अनुसार प्रक्रिया पूरी कर आगे बढ़ सकते हैं। कोर्ट ने CMO को पूर्ण ‘फ्री हैंड’ देते हुए कहा है कि वे ठेकेदार के पूर्व कार्यों की समीक्षा करें, आवश्यक हो तो वैध रूप से कार्य समाप्ति आदेश पारित करें, और उसके बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए नई निविदा फिर से जारी करें। यह स्पष्ट करता है कि अदालत ने न तो किसी कार्य पर स्थायी रोक लगाई और न ही पुराने ठेकेदार को भविष्य के कार्यों पर कोई विशेष अधिकार दिया।

Gharghoda tender controversyन्यायालय का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने से पहले ‘प्राकृतिक न्याय’ (Natural Justice) के सिद्धांत का पालन हो, अर्थात उसे अपनी बात रखने का औपचारिक अवसर मिले। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि CMO को यह पूर्ण स्वतंत्रता है कि वे विधि अनुसार प्रक्रिया पूरी कर नया टेंडर जारी कर सकती हैं।

इसके बावजूद, कई मंचों पर यह गलत प्रचारित किया जा रहा है कि ठेकेदार को कोर्ट द्वारा बड़ी राहत दी गई या उसके पहले के कार्यों को वैध माना गया। जबकि आदेश में ऐसा कोई निर्देश नहीं है। न्यायालय ने केवल प्रक्रियागत त्रुटि सुधारे जाने का निर्देश दिया है, और इसके बाद आगे की निविदा प्रक्रिया को बढ़ाने की संपूर्ण स्वतंत्रता नगर पंचायत को ही प्रदान की है। अतः कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या करते हुए वायरल की जा रही खबरें पूरी तरह तथ्यहीन हैं।

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