Raigarh Mining Department: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा/रायगढ़। रायगढ़ जिले में अवैध खनिज उत्खनन, भंडारण और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को बेहद आक्रामक और तेज कर दिया है। जिला कलेक्टर के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद जिला खनिज अमले के उड़नदस्ता दल ने शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह तक (24 मई 2026) जिले के विभिन्न संवेदनशील अंचलों में एक बड़ा रात्रिकालीन सर्च ऑपरेशन चलाया। इस सघन जांच अभियान के दौरान घरघोड़ा, धरमजयगढ़, छाल और खरसिया क्षेत्रों में खनिज परिवहन मार्गों पर नाकेबंदी कर रेत और गिट्टी खदानों की आकस्मिक जांच की गई। इस बड़ी कार्रवाई में अवैध परिवहन में लिप्त कुल 5 भारी वाहनों (हाइवा और ट्रेलर) को रंगे हाथों पकड़कर जब्त किया गया है।
घरघोड़ा में रेत और पूंजीपथरा में चूना पत्थर व गिट्टी की तस्करी पकड़ी गई
जिला खनिज अधिकारी (DMO) रमाकांत सोनी से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उड़नदस्ता दल ने पूरी रात अलग-अलग मार्गों पर संदेहास्पद भारी वाहनों को रोककर उनके रायल्टी पर्ची (टीपी) और आवश्यक दस्तावेजों की तकनीकी स्क्रूटनी की। जांच के दौरान घरघोड़ा क्षेत्र में एक भारी-भरकम हाइवा वाहन को बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध रूप से खनिज रेत का परिवहन करते हुए रंगे हाथों दबोचा गया। विभागीय जब्ती की आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, सुरक्षा के लिहाज से उक्त हाइवा वाहन को घरघोड़ा थाना परिसर में पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित खड़ा करा दिया गया है।
इसी सिलसिले में औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा में भी बड़ी कामयाबी मिली। यहाँ निम्न श्रेणी के चूना पत्थर (लाइमस्टोन) और गिट्टी का धड़ल्ले से अवैध परिवहन कर रहे दो हाइवा और दो विशाल ट्रेलर सहित कुल चार भारी वाहनों को खनिज अमले ने घेराबंदी कर रोका। पूछताछ और प्राथमिक जांच में इन वाहनों के पास भी कोई वैध रायल्टी पास नहीं पाया गया। अधिकारियों ने चारों वाहनों को तत्काल सीज कर पूंजीपथरा थाना में पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से जुड़े हैं तार, अवैध उत्खनन का बड़ा खुलासा
खनिज विभाग की टीम द्वारा जब पकड़े गए वाहन चालकों से कड़ी पूछताछ की गई, तो खनिज तस्करी के एक बड़े अंतर-जिला नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। चालकों ने लिखित में स्वीकार किया कि वाहनों में लोड की गई गिट्टी पड़ोसी जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ के सुप्रसिद्ध क्रशर अंचल ‘टिंबरलगा’ एवं ‘गुलेढ़ी’ क्षेत्र की खदानों से अवैध रूप से लोड कर रायगढ़ और घरघोड़ा क्षेत्र में खपाने के लिए लाई जा रही थी। इस खुलासे के बाद अब दोनों जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और बढ़ा दी गई है।
छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत सख्त मुकदमा दर्ज
जिला खनिज विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित वाहन मालिकों, क्रशर संचालकों और परिवहनकर्ताओं के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है। विभाग द्वारा पकड़े गए सभी 5 वाहनों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा केंद्रीय खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 एवं 23(क) के तहत कड़े आबकारी व खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण (केस) दर्ज कर लिया गया है।
इस पूरी रात्रिकालीन छापामार कार्रवाई को धरातल पर अंजाम देने में सहायक खनिज अधिकारी श्री आशीष गढ़पाले, खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल के सशस्त्र जवान और स्थानीय पुलिस बल के जवान सक्रिय रूप से शामिल रहे।
नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ा संदेश: लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
खनिज विभाग के आला अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि राज्य शासन और जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप खनिज संसाधनों की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के भीतर अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह सघन और आकस्मिक जांच अभियान आगे भी बिना किसी पूर्व सूचना के 24 घंटे लगातार जारी रहेगा। विभाग ने सभी क्रशर मालिकों, खदान संचालकों और ट्रक ऑपरेटरों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि वे बिना वैध ‘ई-परमिट’ या ओवरलोडिंग करते पाए गए, तो भारी वित्तीय जुर्माने के साथ-साथ वाहनों को राजसात (जब्त) करने की कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से समूचे रायगढ़ और घरघोड़ा अंचल के खनिज माफियाओं में हड़कंप का माहौल है।









