Fake IAS arrested : गोरखपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक शातिर फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जिसने असली महिला SDM को थप्पड़ भी जड़ दिया था। आरोपी ने फर्जी डॉक्यूमेंट और एआई की मदद से चार राज्यों में ठगी का जाल बिछा रखा था। M.Sc. पास यह नकली IAS अधिकारी बड़े कारोबारियों को करोड़ों के ठेके और बेरोजगारों को नौकरियों का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठग चुका है। उसके जाल का दायरा यूपी, बिहार, झारखंड और मध्यप्रदेश तक फैला हुआ था।
Fake IAS arrested : पुलिस ने आरोपी की पहचान गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर के रूप में की है। वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के मेहसौल गांव का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि ललित शादीशुदा है, लेकिन उसके चार लड़कियों से संबंध हैं, जिनमें से तीन गर्भवती हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि ये सभी सहमति से संबंध में थीं या आरोपी ने उनका यौन शोषण किया।
Fake IAS arrested : ललित किशोर फर्जी आईएएस बनने के लिए किराए के गनर रखता था और महंगी गाड़ियों में घूमता था। उसकी गिरफ्तारी बिहार चुनाव के दौरान बरामद 99 लाख रुपये से हुई। बिहार के एक कारोबारी मुकुंद माधव से बरामद राशि की जांच के दौरान ललित का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस से उसकी लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया।
Fake IAS arrested : असली महिला SDM के साथ भी उसने धौंस जमाते हुए थप्पड़ मारा था। पुलिस ने उसके मोबाइल और फर्जी दस्तावेजों की जांच में पता लगाया कि वह एआई की मदद से सरकारी लेटरहेड और नियुक्ति पत्र तैयार करता था। बड़े बिल्डरों और कारोबारियों को 200 से 500 करोड़ के ठेके दिलाने का लालच देकर करोड़ों रुपये ठगता था।
Fake IAS arrested : ललित हर महीने अपने आईएएस अफसर वाले चरित्र को लोगों की नजर में असली दिखाने के लिए लगभग 5 लाख रुपये खर्च करता था। वह सफेद इनोवा में लाल-नीली बत्ती लगाकर गांवों का दौरा करता था। उसके साथ 10-12 किराए के गनर और एक मैनेजर रहते थे। गनरों को 30 हजार रुपये और मैनेजर को 60 हजार रुपये महीना वेतन दिया जाता था। उसकी दो लग्जरी गाड़ियों की किश्त 60 हजार रुपये थी।
Fake IAS arrested : गोरखपुर पुलिस के एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि ललित बड़े नेटवर्क में काम कर रहा था। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना है।









