दिग्विजय सिंह का चौंकाने वाला बयान: सिंधिया के साथ रिश्ता क्या है, और मंच पर क्यों किया इंकार?

दिग्विजय सिंह का खुलासा : भूपेन्द्र भदौरिया /ग्वालियर। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ एक मंच पर बैठने को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सिंधिया उनके पुत्र के समान हैं और उनके परिवार के साथ उनका पुराना रिश्ता रहा है। दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनके पिता माधवराव सिंधिया के साथ उन्होंने लंबे समय तक काम किया है और कांग्रेस में माधवराव सिंधिया को लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि नेहरू परिवार ने माधवराव सिंधिया को कांग्रेस में पूरा सम्मान दिया था।

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दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कांग्रेस पार्टी में सम्मान दिया गया, उन्हें मंत्री बनाया गया और पार्टी में उनकी अच्छी जगह थी। हालांकि बाद में जब सिंधिया ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया तो वह अलग हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में एक निजी कार्यक्रम में जब सिंधिया अपने साथ उन्हें मंच पर लेकर गए थे, तब भी वे एक साथ थे।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस के सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंच पर बैठने से बचते हैं क्योंकि वहां मंच पर बैठने को लेकर अक्सर विवाद होते हैं। इसीलिए वे मंच पर बैठने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच बैठना पसंद करते हैं।

दिग्विजय सिंह के इस बयान से स्पष्ट होता है कि उनका सिंधिया परिवार के प्रति सम्मान बना हुआ है, बावजूद इसके कि सिंधिया ने पार्टी छोड़ दी है। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में जहां सिंधिया और कांग्रेस दोनों की मजबूत पकड़ है।

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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह – “ज्योतिरादित्य सिंधिया मेरे पुत्र के समान हैं। उनके पिता माधवराव सिंधिया के साथ हमने काम किया है। माधवराव सिंधिया को हम ही कांग्रेस में लेकर आए थे और नेहरू परिवार ने उनका पूरा सम्मान किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी सम्मान दिया गया, मंत्री बनाया और पार्टी में जगह दी। पार्टी छोड़कर चले गए तो वह जाने। मैंने कांग्रेस के कार्यक्रमों में मंच पर बैठने से मना किया है क्योंकि वहां विवाद होते हैं, इसलिए मैं कार्यकर्ताओं के साथ बैठना पसंद करता हूं।”

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