Land Dispute Ujjain: उज्जैन/उन्हेल। उज्जैन जिले के उन्हेल तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम नवादा में कृषि भूमि के मालिकाना हक और अवैध कब्जे के प्रयास को लेकर एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित परिवार ने कलेक्टरेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ दबंगों और रसूखदार लोगों ने न्यायालय के स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) की खुलेआम अवहेलना करते हुए धारदार हथियारों के साथ उनकी पैतृक जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।
विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ितों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की है।
सर्वे नंबर 318 की भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री का आरोप; पूर्व में भी दर्ज है पुलिस केस
कलेक्टर को सौंपे गए आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, ग्राम नवादा निवासी प्रार्थी कैलाश और अर्जुन ने बताया कि सर्वे नंबर 318 की कृषि भूमि पर उनका और उनके पूर्वजों का वर्षों से शांतिपूर्ण कब्जा व विधिक स्वामित्व चला आ रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि विपक्षी दल द्वारा कथित रूप से कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों को तैयार कर उक्त भूमि की अवैध रूप से रजिस्ट्री अपने पक्ष में करा ली गई है।
इस जालसाजी के संबंध में स्थानीय पुलिस थाने में पहले से ही आपराधिक प्रकरण दर्ज है, किंतु पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक आरोपियों के विरुद्ध कोई प्रभावी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
29 जून को हथियार लेकर खेत पर पहुंचे थे हमलावर; गाली-गलौज कर दी धमकी
पीड़ित परिवार ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बीती 29 जून 2026 को कविता, राकेश डंडिया और उनके साथ आए कई अन्य अज्ञात लोग हाथों में अवैध हथियार और लाठियां लेकर जबरन उनके खेत पर आ धमके। आरोपियों ने वहां काम कर रहे परिवार के सदस्यों के साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और पूरी जमीन खाली न करने पर जान से मारने की कड़े शब्दों में धमकी दी।
पीड़ितों का कहना है कि उक्त भूमि पर सक्षम न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट स्टे आदेश जारी किया गया है, जिसकी इन भू-माफियाओं द्वारा सरेआम अनदेखी की जा रही है।
कलेक्टरेट में हुई सघन सुनवाई; प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया उचित कार्रवाई का भरोसा
इस पूरे विवाद के संदर्भ में जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद विभिन्न पक्षों के बयान और प्रशासनिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है:
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राधेश्याम (सफेद कपड़ों में – पीड़ित/गवाह): “हम वर्षों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। आरोपी कोर्ट के आदेश को नहीं मान रहे हैं और हमें अपनी ही जमीन पर जाने से रोक रहे हैं। शासन को हमारी जान-माल की रक्षा करनी चाहिए।”
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दूल्हे चंद (दाढ़ी-मूंछ में – ग्रामीण/पक्षकार): “गांव में इस तरह हथियार लेकर घूमना और डराना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। पुलिस को तुरंत मौके का मुआयना कर इन असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार करना चाहिए।”
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प्रशासनिक अधिकारी (ब्लू शर्ट के अंदर धारी वाली शर्ट): “पीड़ित परिवार की शिकायत और ज्ञापन को बेहद गंभीरता से दर्ज कर लिया गया है। उन्हेल तहसीलदार और स्थानीय पुलिस को निर्देशित किया जा रहा है कि वे मौके पर जाकर कानून व्यवस्था बनाए रखें। न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने वालों और फर्जी दस्तावेजों की जांच कर दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”






