AC_Blast: नोएडा की हाईराइज अरण्य सोसाइटी में एसी फटने से भीषण अग्निकांड— 22वीं मंजिल पर धू-धू कर जले कई फ्लैट

AC_Blast: नोएडा (उत्तर प्रदेश)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले नोएडा के सेक्टर-119 स्थित एक बहुमंजिला (हाईराइज) आवासीय परिसर से सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को हिलाकर रख देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार की सुबह सेक्टर-113 थाना क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रसिद्ध ‘अरण्य सोसाइटी’ के एक बंद फ्लैट में लगे एयर कंडीशनर (AC) में अचानक हुए भीषण तकनीकी विस्फोट (ब्लास्ट) के कारण विधिक रूप से भयंकर आग लग गई।

देखते ही देखते आग की गगनचुंबी लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और 22वीं मंजिल पर स्थित एक साथ कई फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया। इस आकस्मिक विभीषिका के कारण पूरी गगनचुंबी इमारत और सोसाइटी परिसर में अफरा-तफरी तथा भगदड़ का माहौल निर्मित हो गया।

22वीं मंजिल पर दमकल की 6 गाड़ियों ने संभाली कमान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी रहे मुस्तैद

गगनचुंबी इमारत की अत्यधिक ऊंचाई (22वीं मंजिल) होने के कारण शुरुआत में आग पर नियंत्रण पाना अग्निशमन कर्मियों के लिए एक बड़ी विधिक और तकनीकी चुनौती साबित हो रहा था। घटना की विधिक सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की 6 अत्याधुनिक गाड़ियां (फायर टेंडर्स) तुरंत मौके पर भेजी गईं।

नोएडा के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) और मुख्य अग्निशमन अधिकारियों की विधिक निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म्स और इन-बिल्ट फायर फाइटिंग सिस्टम का विधिक उपयोग करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी भी नागरिक के हताहत (मृत्यु) होने की विधिक सूचना नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जारी किए विधिक निर्देश, घायलों के समुचित इलाज के आदेश

इस भीषण अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल इसका कड़ा विधिक संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी आधिकारिक विधिक बयान के अनुसार, सीएम योगी ने नोएडा के जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तुरंत दुर्घटना स्थल पर पहुंचने और राहत तथा बचाव कार्यों (Rescue Operations) को युद्ध स्तर पर तेज करने के कड़े निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को आदेशित किया है कि दुर्घटना की चपेट में आने से झुलसे या धुएं के कारण बीमार हुए सभी नागरिकों को बिना किसी विधिक कोताही के तुरंत सर्वोत्तम और उचित नि:शुल्क चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जाए। प्रशासन को सभी संवेदनशील स्तरों पर विधिक सतर्कता बरतने और राहत कार्यों की पल-पल की रिपोर्ट शासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

गर्मी के सीजन में एसी ब्लास्ट के विधिक कारणों पर उठ रहे सवाल, जांच शुरू

दमकल विभाग और पुलिस की प्रारंभिक विधिक विवेचना के अनुसार, आग लगने की मुख्य वजह भीषण गर्मी के दौरान एयर कंडीशनर (AC) के कंप्रेसर पर अत्यधिक विधिक दबाव बढ़ने के कारण हुआ ब्लास्ट माना जा रहा है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद अब राष्ट्रीय विद्युत निरीक्षणालय और अग्निशमन विंग की संयुक्त टीम इस बात की विधिक जांच कर रही है कि सोसाइटी के भीतर स्थापित ‘फायर फाइटिंग एनओसी’ (Fire NOC) और आपातकालीन निकास के विधिक मापदंड पूरी तरह सुचारू थे या नहीं।

पुलिस ने प्रभावित फ्लैटों को विधिक रूप से सील कर दिया है और घायलों को तत्काल नजदीकी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति विधिक रूप से खतरे से बाहर बताई गई है।

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