Psycho Killer CG: बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़ा कर देने वाला और अकल्पनीय आपराधिक मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अंचल में पिछले तीन महीनों के भीतर हुई आठ लोगों की रहस्यमयी और संदिग्ध मौतों की कड़ियां जब पुलिस ने जोड़ीं, तो एक बेहद शातिर और क्रूर ‘साइको किलर’ का चेहरा बेनकाब हुआ।
आरोपी अपनी दुकान में चूहे होने का बहाना बनाकर पड़ोसियों से जहर लाता था और उसे शराब में मिलाकर अपने विरोधियों को पिला देता था। गांव वालों के भारी संदेह और मांग के बाद जब पुलिस प्रशासन ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मृतकों के शवों को कब्र से बाहर निकलवाकर फॉरेंसिक जांच कराई, तो इस वीभत्स सीरियल किलिंग का सनसनीखेज खुलासा हुआ।
कब्र से निकाली गईं लाशें, तब जाकर डिकोड हुआ कातिल का ‘डेथ पैटर्न’
बलौदाबाजार पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, पिछले 90 दिनों के भीतर गांव में एक के बाद एक 8 पुरुषों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इन सभी मौतों में एक अजीब समानता थी—सभी मृतक मौत से ठीक पहले अत्यधिक शराब के नशे में थे। लगातार होती मौतों से सहमे ग्रामीणों ने जब गहराई से चिंतन किया, तो पाया कि सभी मृतक किसी न किसी रूप में गांव के ही रामसहाय जायसवाल के संपर्क में थे।
जनता के आक्रोश और लिखित शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने वैधानिक अनुमति लेकर शवों के विसर्जन और दफन स्थलों से मरणोपरांत अवशेषों को बाहर निकाला। पोस्टमार्टम और विसरा जांच की फॉरेंसिक रिपोर्ट में जहर (सुहागा) दिए जाने की पुष्टि होते ही पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पालतू कुत्ते पर किया था कत्ल का ट्रायल; कत्ल के बाद जनाजे में भी होता था शामिल
पुलिसिया पूछताछ में आरोपी रामसहाय जायसवाल ने जो कबूलनामा किया, वह किसी भी सामान्य मानव मस्तिष्क की सोच से परे है। आरोपी ने बताया कि उसने इंसानों को निशाना बनाने से पहले इस घातक जहर का बाकायदा परीक्षण (ट्रायल) अपने ही पालतू कुत्ते पर किया था। जब जहर के सेवन से कुत्ते ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, तब आरोपी को इस अचूक दंडात्मक तरीके पर भरोसा हो गया।
इसके बाद वह अपनी छोटी-मोटी रंजिशों, जैसे किसी से गाली-गलौज होना, आपसी जमीनी विवाद, या पत्नी पर गलत नजर रखने के संदेह मात्र पर उन व्यक्तियों को जाल में फंसाकर जहरीली शराब परोस देता था। आरोपी की क्रूरता का आलम यह था कि वह हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद खुद को निर्दोष दिखाने के लिए बाकायदा मृतकों के कफन-दफन और अंतिम संस्कार में शामिल होकर परिजनों के साथ आंसू भी बहाता था।
गड़े खजाने और नरबलि की अफवाह खारिज, आरोपी सलाखों के पीछे
इस दिल दहला देने वाले मामले के उजागर होने के बाद इलाके में यह अफवाह तेजी से फैल गई थी कि आरोपी ने गांव के पास छिपे किसी गड़े खजाने या तांत्रिक सिद्धि को प्राप्त करने के लिए इन मासूमों की ‘नरबलि’ दी है। हालांकि, बलौदाबाजार पुलिस के आला अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जादू-टोने, तंत्र-मंत्र या गड़े खजाने की थ्योरी को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह विशुद्ध रूप से एक विक्षिप्त मानस (साइकोपैथिक टेंडेंसी) और पुरानी रंजिशों के चलते अंजाम दिया गया जघन्य धारावाहिक हत्याकांड है। पुलिस ने आरोपी रामसहाय जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या और जहर देने से जुड़ी संगीन दंडात्मक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे कड़े पहरे में जेल भेज दिया है।







