Wildlife Protection: बेगमगंज/रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज अंचल से वन्यजीव अपराध और उस पर वन विभाग की त्वरित व दंडात्मक कार्रवाई का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पांडाझिर में एक दुर्लभ मादा गोह (मॉनिटर लिज़र्ड/गुहेरा) को बेरहमी से जान से मारने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोपी को वन विभाग की विशेष टीम ने आधी रात को छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़ा गया आरोपी क्षेत्र के रसूखदार भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष का सगा भाई बताया जा रहा है। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए सामान्य वन मंडल रायसेन की डीएफओ (Divisional Forest Officer) प्रतिभा शुक्ला ने स्वयं प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे घटनाक्रम का आधिकारिक अनावरण किया है।
सोशल मीडिया पर “गुहेरा” का वीडियो डाल फंसे आरोपी; विवाद बढ़ते ही किया डिलीट
वन विभाग से प्राप्त प्रामाणिक विवरण के अनुसार, ग्राम पांडाझिर निवासी विनोद दुबे पिता लक्ष्मी दुबे ने बीती सोमवार की रात अपने घर में निकली एक विशालकाय मादा गोह को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला था। इसके बाद, उत्साह और अज्ञानता में इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जिसमें कैप्शन लिखा था— “पहली बार देखा इतना बड़ा गुहेरा”।
जैसे ही यह वीडियो स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और वन्यजीव संरक्षकों की नजर में आया, इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। विवाद और कानूनी शिकंजे की आशंका को भांपते हुए हालांकि बाद में वीडियो को डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक इसके साक्ष्य वन विभाग के पास पहुंच चुके थे।
डिप्टी रेंजर की सतर्कता से आधी रात को पड़ी दबिश; डिजिटल साक्ष्य के लिए मोबाइल जब्त
क्षेत्र में पदस्थ प्रभारी डिप्टी रेंजर प्रदीप लोधी को जैसे ही इस क्रूरता और वन्यजीव अधिनियम के उल्लंघन की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल इसकी रिपोर्ट अपने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित की। डीएफओ प्रतिभा शुक्ला और एसडीओ सिलवानी पारेचा के निर्देशन में वन अमले ने बिना वक्त गंवाए सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात आरोपी विनोद दुबे के कंक्रीट ठिकाने पर दबिश दी।
वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की विभिन्न सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। इसके साथ ही, मुख्य डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित करने के लिए विभाग ने आरोपी का मोबाइल फोन भी विधिवत विसर्जन और जब्ती नियमों के तहत जब्त कर लिया है।
डीएफओ प्रतिभा शुक्ला का कड़ा संदेश; शव बरामदगी के लिए दोबारा पहुंची टीम
मंगलवार की शाम सामान्य वन मंडल रायसेन के मुख्य मीटिंग हॉल में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डीएफओ प्रतिभा शुक्ला ने स्पष्ट किया कि कानून के समक्ष कोई भी व्यक्ति रसूखदार या विशिष्ट नहीं है। वन्यजीवों का संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस घटना की अग्रिम विवेचना, मौका-मुआयना और पंचनामा तैयार करने के बाद, मंगलवार को वन विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम जिसमें एसडीओ सुधीर पटले, रेंजर पालेचा, और प्रभारी डिप्टी रेंजर प्रदीप लोधी शामिल थे, पुनः घटनास्थल पर रवाना हुई। टीम ने वैज्ञानिक परीक्षण और मरणोपरांत जांच (Post-Mortem) के लिए मृत मादा गोह के शव को बरामद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वन विभाग ने अंचल के नागरिकों से अपील की है कि रिहायशी इलाकों में गोह या सांप जैसे जीवों के निकलने पर उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग के रेस्क्यू दल को सूचित करें।







