Commercial Gas Crisis Burhanpur News : बुरहानपुर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति में आई बाधाओं और वैश्विक तनाव का सीधा असर अब बुरहानपुर के स्थानीय व्यापार पर दिखने लगा है। जिले में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है, जिसके कारण होटल, ढाबा और मिठाई व्यवसायी गहरे संकट में हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि संचालकों को अपनी आधुनिक गैस भट्टियों को छोड़कर लकड़ी, कोयला और डीजल के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है।
व्यवसायियों की जुबानी, संकट की कहानी: शहर के होटल ‘नंद कृपा’ के संचालक दिनेश चौधरी ने बताया कि गैस की अनुपलब्धता के कारण उन्हें खाना पकाने के लिए अलग से लकड़ी-कोयले की भट्टियां बनवानी पड़ी हैं। उन्होंने कहा, “गैस समय पर नहीं मिल रही, जिससे न केवल खर्च बढ़ गया है, बल्कि ग्राहकों को भी ऑर्डर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।” यही स्थिति ‘मिलन मिठाई’ और ‘कुंदन स्वीट्स’ जैसे बड़े प्रतिष्ठानों की भी है। मिलन मिठाई के मैनेजर बनातवाला ने बताया कि गैस की कमी से उत्पादन कम करना पड़ा है, जबकि कुंदन स्वीट्स के मैनेजर भाऊलाल महाजन के अनुसार, जो कर्मचारी गैस पर काम करने के आदी थे, उन्हें अब पुराने तरीके से भट्टियां चलाना सीखना पड़ रहा है।
शादी और रमजान पर संकट का साया: मौजूदा समय में शादियों का सीजन और रमजान का पवित्र महीना चल रहा है। बुरहानपुर जलेबी सेंटर जैसे प्रतिष्ठान तो डीजल भट्टियों पर निर्भर हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं की, तो कई छोटे ढाबे और होटल स्थायी रूप से बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे।
प्रशासन की ओर निहारते कारोबारी: महंगाई और अतिरिक्त श्रम के कारण होटल संचालकों के मुनाफे में भारी गिरावट आई है। फिलहाल, बुरहानपुर के संपूर्ण व्यापारिक वर्ग और आम जनता की नजरें शासन-प्रशासन पर टिकी हैं। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस कदम उठाकर कमर्शियल गैस की आपूर्ति बहाल करेगा, ताकि होटल उद्योग को डूबने से बचाया जा सके।











