इराक के एरबिल में ड्रोन हमला, फ्रांसीसी सैनिक की मौत, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का असर अब मिडिल ईस्ट के कई देशों में दिखाई देने लगा है। इसी बीच इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के एरबिल में हुए ड्रोन हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।इस घटना की पुष्टि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने की है।

आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण के दौरान हुआ हमला

राष्ट्रपति मैक्रों के अनुसार यह हमला उस समय हुआ जब फ्रांसीसी सैनिक इराकी सुरक्षा बलों के साथ आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण अभ्यास में शामिल थे। इसी दौरान सैन्य ठिकाने पर ड्रोन से हमला कर दिया गया।इस हमले में एक सैनिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल सैनिकों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

एरबिल के माला कारा बेस को बनाया निशाना

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक यह हमला माला कारा सैन्य बेस पर हुआ, जो एरबिल शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है।एरबिल के गवर्नर ने बताया कि हमले में दो ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जो सीधे सैन्य ठिकाने पर आकर गिरे।

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फ्रांसीसी सेना ने दी जानकारी

फ्रांसीसी सेना के जनरल स्टाफ के एक अधिकारी ने बताया कि ड्रोन हमले में छह सैनिक घायल हुए हैं, जो उस समय इराकी सहयोगियों के साथ प्रशिक्षण गतिविधियों में लगे हुए थे।घायल सैनिकों को तुरंत नजदीकी मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

लगातार बढ़ रहे ड्रोन हमले

मिडिल ईस्ट में जारी इस युद्ध को करीब दो सप्ताह से अधिक समय हो चुका है और अब इसके प्रभाव अन्य देशों तक भी पहुंचने लगे हैं।हाल के दिनों में ईरान समर्थित गुटों पर ऐसे हमलों के आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है।

एरबिल क्यों बना निशाना?

विशेषज्ञों के अनुसार एरबिल में हमला होने की एक बड़ी वजह वहां मौजूद अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन है।दरअसल एरबिल में अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत कई देशों के सैनिक तैनात हैं, जो कुर्द सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण दे रहे हैं। यही कारण माना जा रहा है कि इस सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया।

मिडिल ईस्ट में लगातार हो रहे हमलों के कारण वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फ्रांस और अन्य देश इस हमले के बाद क्या रणनीतिक कदम उठाते हैं।

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