NCL Amlori Project Scam: एनसीएल अमलोरी प्रोजेक्ट में मजदूरों के हक पर डाका; बीपीएल-बीआईपीएल कंपनी पर लाखों के घपले का आरोप

NCL Amlori Project Scam: सिंगरौली। भारत सरकार की प्रतिष्ठित मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की अमलोरी परियोजना से मजदूरों के शोषण और लाखों रुपये के वित्तीय घपले का एक गंभीर मामला सामने आया है। परियोजना में ओवरबर्डन (ओबी) ठेके पर काम कर रहे करीब 60 प्रभावित मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुशवाहा के नेतृत्व में इन मजदूरों ने सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल से मुलाकात कर न्याय और अपना बकाया पैसा वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

साल 2020 से कर रहे थे काम, ठेका खत्म होते ही मिली दोहरी मार

प्रभावित मजदूरों ने कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे इस परियोजना में पीसी ऑपरेटर, डोजर ऑपरेटर और सुपरवाइजर जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रबंधकीय पदों पर वर्ष 2020 से पूरी निष्ठा के साथ लगातार सेवाएं दे रहे थे। मजदूरों का आरोप है कि बीपीएल-बीआईपीएल (BPL-BIPL) जॉइंट वेंचर कंपनी ने उनके कार्यकाल के दौरान हर महीने उनके तय वेतन से एक निश्चित राशि (कटौती राशि/फंड) काटी थी।

अब जब कंपनी का ठेका समाप्त हो गया है, तो कंपनी प्रबंधन ने न केवल इन 60 मजदूरों को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, बल्कि उनके वेतन से काटी गई लाखों रुपये की जमा राशि को भी लौटाने से साफ इनकार कर दिया है। इससे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और उनका सालों का कमाया हुआ पैसा भी फंस गया है।

प्रशासनिक अमला रेस, एडिशनल कलेक्टर ने कंपनी अधिकारियों को किया तलब

मजदूरों की इस गंभीर और संवेदनशील समस्या को सुनने के बाद कलेक्टर गौरव बैनल ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया। उनके निर्देश पर एडिशनल कलेक्टर एसपी त्रिपाठी ने बिना समय गंवाए बीआईपीएल-बीपीएल कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को कड़े लहजे में तलब किया है। जिला प्रशासन ने कंपनी से मजदूरों के वेतन, कटौती और उनके पीएफ/फंड से जुड़े दस्तावेजों की पूरी जानकारी और जवाब मांगा है। प्रशासन ने मजदूरों को आश्वस्त किया है कि मामले की जांच कर नियमानुसार सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

शोषण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई:

इस मामले पर आम आदमी पार्टी के यूथ अध्यक्ष नीरज कुशवाहा ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि मिनी रत्न कंपनी के प्रोजेक्ट्स में इस तरह सरेआम मजदूरों का आर्थिक और मानसिक शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि भूखे पेट रहने को मजबूर इन ऑपरेटरों और सुपरवाइजरों का पूरा बकाया भुगतान सूद समेत तुरंत कराया जाए और भविष्य में उनकी नौकरी की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

raipur-gold-shop-robbery-arrest:लक्ष्य ज्वेलर्स चोरी केस: डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने दबोचे आरोपी

raipur-gold-shop-robbery-arrest: राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स...

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories