Tuesday, September 1, 2026
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Indore Brown Sugar Case: चर्चित ब्राउन शुगर मामले में सट्टे और जमीन घोटाले का कनेक्शन; कांग्रेस नेता के भाई नाना पटवारी से पुलिस की पूछताछ जारी

MP 29 IAS Transfer:
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Indore Brown Sugar Case:  इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर का चर्चित ब्राउन शुगर मामला अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस द्वारा की जा रही कड़ाई से पूछताछ के बाद इस ड्रग्स नेटवर्क के तार अब ऑनलाइन सट्टेबाजी और जमीन से जुड़ी कथित धोखाधड़ी (प्लॉट स्कैम) से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट की एक-एक कड़ी को जोड़कर व्यापक स्तर पर जांच कर रही है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है।

ड्रग्स डिलीवरी की लिस्ट में आया नाम

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पुलिस की कस्टडी में पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने एक चौंकाने वाला दावा किया कि वे पकड़ी गई ड्रग्स की यह खेप नाना पटवारी तक पहुंचाने जा रहे थे। इस खुलासे के बाद हरकत में आई पुलिस ने नाना पटवारी को तलब कर पूछताछ की। हालांकि प्राथमिक पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन तफ्तीश जारी होने के कारण उन्हें लगातार थाने बुलाकर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।

पुलिस ने इस मामले में अब तक इरफान खान, संजय कौशल, अयान, फैसल और इरफान अली समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के एक अन्य सदस्य की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

मोबाइल फोरेंसिक जांच से खुला ऑनलाइन सट्टे का राज

पकड़े गए आरोपियों के नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस ने उनके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच करवाई। इस जांच में आरोपी संजय कौशल के मोबाइल से ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी कई संदिग्ध आईडियां (IDs) बरामद हुईं। इसके आधार पर पुलिस ने तत्काल एक अलग केस दर्ज किया और संजय कौशल के साथ इस सट्टा नेटवर्क में शामिल मनीष जादौन, दिनेश और प्रीतेश त्रिपाठी को भी सह-आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टे की आईडी जनरेट करते थे और व्हाट्सएप के जरिए अपने ग्राहकों तक पहुंचाते थे। फिलहाल पुलिस ड्रग्स और सट्टे के काले कारोबार से जुड़े सभी बैंक खातों के लेन-देन को खंगाल रही है।

374 प्लॉटों की जांच: शुभम वैली परियोजना भी विवादों में

ड्रग्स और सट्टे के अलावा, नाना पटवारी का नाम अब जमीन से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के एक मामले में भी घिर गया है। इंदौर डीसीपी नरेंद्र रावत के मुताबिक, दो युवतियों ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है कि वर्ष 2022 में उन्होंने ‘शुभम वैली परियोजना’ में दो प्लॉट खरीदने के लिए बकायदा एग्रीमेंट किया था, लेकिन पूरा भुगतान करने के बाद भी अब तक उनकी रजिस्ट्री नहीं कराई गई है।

संगठित धोखाधड़ी का शक:

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शुभम वैली परियोजना के सभी 374 प्लॉटों की विस्तृत जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस को अंदेशा है कि कहीं इसके पीछे बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से लोगों के साथ धोखाधड़ी तो नहीं की गई है। इस सिलसिले में सुमित मंत्री के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर तलब किया जा रहा है।

इंदौर पुलिस प्रशासन का कहना है कि दोनों ही मामलों (ड्रग्स-सट्टा और प्लॉट विवाद) की बारीकी से निष्पक्ष जांच की जा रही है। डीसीपी नरेंद्र रावत ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान नाना पटवारी या किसी भी अन्य रसूखदार व्यक्ति के खिलाफ इस रैकेट में संलिप्तता के ठोस और वैज्ञानिक साक्ष्य मिलते हैं, तो कानून के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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