Tuesday, September 1, 2026
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Sarguja Cyber Fraud: सरगुजा SSP राजेश अग्रवाल के नाम से बनी फर्जी फेसबुक आईडी, लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहे साइबर ठग; पुलिस ने जारी किया अलर्ट

Sarguja Cyber Fraud: सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे जिले के सर्वोच्च पुलिस अधिकारियों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं. सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राजेश अग्रवाल के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग कर अज्ञात साइबर ठगों द्वारा एक फर्जी फेसबुक आईडी (Fake Facebook ID) बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए ठग आम नागरिकों और पुलिस विभाग से जुड़े लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहे हैं और उनसे मोबाइल नंबर सहित अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारियां हासिल करने की फिराक में हैं.

SSP राजेश अग्रवाल ने दी चेतावनी: “भूलकर भी न दें अपनी जानकारी”

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से संचालित हो रही यह फेसबुक प्रोफाइल पूरी तरह से फर्जी और अवैध है, जिससे उनका कोई सरोकार नहीं है. एसएसपी ने सरगुजा और प्रदेश के सभी नागरिकों से भावुक या गुमराह न होने की अपील की है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध आईडी पर भरोसा न करें और यदि कोई उनसे किसी भी प्रकार की वित्तीय या व्यक्तिगत जानकारी मांगता है, तो उसे साझा बिल्कुल न करें.

साइबर सेल सक्रिय, मेटा (Meta) को भेजी गई रिपोर्ट

एसएसपी ने जानकारी दी कि इस साइबर अपराध के सामने आते ही जिले की विशेष साइबर सेल को मामले की जांच सौंप दी गई है. इसके साथ ही, फेसबुक की मूल कंपनी ‘मेटा’ (Meta) को भी इस फर्जी प्रोफाइल के बारे में तकनीकी इनपुट के साथ रिपोर्ट भेजी गई है ताकि इसे जल्द से जल्द ब्लॉक या डिलीट किया जा सके. पुलिस की टेक्निकल टीम आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए इस फर्जी आईडी को संचालित करने वाले ठगों के नेटवर्क और उनकी लोकेशन की पहचान करने में जुट गई है.

कलेक्टर्स के नाम पर भी हो चुकी है ठगी की कोशिश:

सरगुजा संभाग में वीआईपी (VIP) अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले साइबर अपराधी सरगुजा और बलरामपुर जिलों के कलेक्टर्स की तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप (WhatsApp) अकाउंट बना चुके हैं, जिसके जरिए मातहत कर्मचारियों और आम लोगों से पैसों व अमेजॉन गिफ्ट कार्ड्स की मांग की गई थी।

लगातार सामने आ रहे इन हाई-प्रोफाइल मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आम जनता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी रसूखदार व्यक्ति या अधिकारी की प्रोफाइल से रिक्वेस्ट आने पर उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें. यदि प्रोफाइल हाल ही में बनी हो या उसपर संदिग्ध गतिविधियां दिखें, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल को इसकी सूचना दें ताकि समय रहते अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके.

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